जमशेदपुर : आयकर विभाग ने रांची, जमशेदपुर समेत झारखंड के कई जिले में बाबा राइस ग्रुप के ठिकानों पर दबिश दी है। बताया जा रहा है कि यह छापामारी बाबा राइस मिल के कारोबारियों द्वारा आय से अधिक संपत्ति रखने और आय को छिपाने का आरोप है. कई सारे दस्तावेज भी जब्त किये गये है. कारोबारी से जुड़े सारे लोगों के आवास, कार्यालय और अन्य ठिकानों को खंगाला जा रहा है. बिहार के औरंगाबाद में भी यह छापामारी की जारी है।
बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने गुरुवार को झारखंड और बिहार के कई जिलों में एक साथ रेड मारी। छापेमारी सुबह से ही शुरू कर दी गई थी और देर शाम तक कार्रवाई जारी रही।
सूत्रों के अनुसार रांची के कांके रोड, रातु रोड सहित कई अन्य स्थानों पर आयकर विभाग की टीम पहुंची। यहां मिल के संचालन से जुड़े दस्तावेज, लेनदेन का ब्योरा और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कैश ट्रांजेक्शन, बिल, खरीद बिक्री के कागजात और बैंक से जुड़े रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं।
रांची के अलावा जमशेदपुर और हजारीबाग में भी आयकर विभाग की टीम ने रेड मारी है। जमशेदपुर के जुगसलाई नया बाजार निवासी कारोबारी संजय अग्रवाल के आवास और सीएच एरिया स्थित उनके दूसरे ठिकाने पर जांच की जा रही है। बताया जाता है कि संजय अग्रवाल भालोटिया परिवार से संबद्ध हैं और चावल के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
आयकर विभाग की कार्रवाई सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं रही। बिहार के औरंगाबाद जिले में भी छापेमारी की गई है। यहां महाराजगंज रोड स्थित धान कारोबारी विश्वजीत जायसवाल के आवास पर आयकर टीम ने दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा राइस मिल के संचालक नितेश कुमार भी आयकर विभाग के रडार पर बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2026 में आयकर विभाग की यह पहली बड़ी छापेमारी मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल कार्रवाई जारी है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना है।











