---Advertisement---

जमशेदपुर:कैरव गांधी अपहरण कांड में संदिग्धों की पुलिस के साथ मुठभेड़, तीन घायल, बाल बाल बचे बिष्टुपुर थानेदार

On: January 30, 2026 9:11 AM
---Advertisement---

जमशेदपुर : उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े अपराधियों कि बीती रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ की खबर है। इस मुठभेड़ में बिष्टुपुर के थानेदार आलोक दुबे किसी तरह बाल बाल बच गए हैं जबकि जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन अपराधियों को गोली मारी है। तीनों के पैर में गोली लगी है जिनका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।

सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के अनुसार, तीनों बिहार के गया और नालंदा जिले के रहने वाले हैं। घायल अपराधियों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है।

हथियार बरामदगी के लिए पुलिस इन्हें लेकर घटनास्थल पर पहुंची थी। इसी दौरान इन्होंने एक कॉस्टेबल से कार्बाइन छीनकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद उनके पैर में गोली मारी गई।
घटना बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत साईं मंदिर के पास रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई। घायल अपराधियों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है।

तीनों को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
सिटी एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस देर रात हथियार बरामद करने पहुंची थी। अपराधियों के बताए लोकेशन से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इसी दौरान अपराधियों ने मौके का फायदा उठाकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

शुक्रवार को डीजीपी तादाशा मिश्रा पूरे मामले को लेकर आधिकारिक ब्रीफिंग करे सकती हैं। बीते 13 जनवरी को युवा उद्योगपति कैरव गांधी का अपहरण हुआ था। 27 जनवरी को पुलिस ने 14 दिन बाद उन्हें अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा कर परिजनों को सौंप दिया था।

इस मामले में पुलिस अब तक आधा दर्जन अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल एमजीएम अस्पताल सहित शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

13 जनवरी को कैरव का अपहरण हुआ था

13 जनवरी को कैरव गांधी के अचानक लापता होने की खबर से पूरे जमशेदपुर में सनसनी फैल गई थी। राजनीतिक, व्यवसायिक और सामाजिक हलकों में इस घटना को लेकर लगातार चर्चा और चिंता बनी हुई थी। परिजनों ने भी विभिन्न माध्यमों से कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी की अपील की थी।

जिस तरह रहस्यमयी परिस्थितियों में कैरव गांधी लापता हुए थे, लगभग उसी तरह रहस्यमयी हालात में उनकी वापसी हुई है। 27 जनवरी को पुलिस ने कैरव को बरामद किया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच अभी भी जारी है और बरामदगी से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। तथ्यों की पुष्टि के बाद ही पूरे मामले को सार्वजनिक किया जाएगा।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

Join WhatsApp

Join Now