इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर हालात बिगड़ गए हैं। बलोच लड़ाकों ने एक साथ कई शहरों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर समन्वित हमले किए हैं, जिससे पूरे प्रांत में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। प्रांतीय राजधानी क्वेटा सहित कम से कम 12 प्रमुख शहरों से गोलीबारी, विस्फोट और सरकारी ठिकानों पर कब्जे की खबरें सामने आ रही हैं।
इन हमलों में अब तक करीब 20 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की सूचना है। वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 37 विद्रोहियों को ढेर करने का दावा किया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना ने लड़ाकू हेलिकॉप्टरों की तैनाती कर दी है और कई इलाकों में हवाई निगरानी तेज कर दी गई है। इस दौरान पाकिस्तानी सेना को अपनी कई चौकियों को छोड़कर भागना पड़ा।
‘ऑपरेशन हीरोफ’
बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इन्हें अपने ‘ऑपरेशन हीरोफ’ के दूसरे चरण का हिस्सा बताया है। संगठन का दावा है कि यह कार्रवाई एक साथ कई जिलों में की गई ताकि सुरक्षा बलों पर दबाव बढ़ाया जा सके।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बलोच लड़ाके क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग, नुश्की, कलात, डलबंदिन, पसरनी समेत अन्य इलाकों में एक साथ सक्रिय हो गए। कई जगहों पर सुरक्षा चौकियों और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया।
क्वेटा में हालात सबसे ज्यादा संवेदनशील
प्रांतीय राजधानी क्वेटा में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। शहर के सभी बड़े अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। सरयाब रोड पर पुलिस वैन पर हुए हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि खालिक शहीद पुलिस स्टेशन पर भी सशस्त्र हमला किए जाने की खबर है।
इसके अलावा, क्वेटा के ईस्टर्न बायपास इलाके में बड़ी संख्या में हथियारबंद बलोच लड़ाकों के नियंत्रण की सूचना है, जिससे आम लोगों में दहशत का माहौल है। क्वेटा में निवासियों ने कई इलाकों में गोलीबारी और विस्फोटों की सूचना दी, जिसमें अत्यधिक संवेदनशील रेड जोन भी शामिल है।
मस्तुंग, नुश्की और डलबंदिन में भारी नुकसान
मस्तुंग में जेल पर हुए हमले के बाद 30 से अधिक कैदियों के फरार होने की खबर सामने आई है। मस्तुंग पुलिस स्टेशन और शहर के कई हिस्सों पर लड़ाकों के कब्जे का दावा किया जा रहा है।
नुश्की में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के कार्यालय पर कब्जा कर लिया गया, जहां आठ सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की सूचना है। वहीं, डलबंदिन में सिलसिलेवार धमाके और भारी गोलीबारी जारी है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
ग्वादर और पसरनी में भी हमले
रणनीतिक रूप से अहम ग्वादर में भी हमलों की पुष्टि हुई है। पसरनी इलाके में लगातार फायरिंग और विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जबकि कलात में सुरक्षा बलों और बलोच लड़ाकों के बीच भीषण झड़पें चल रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त, तलाशी अभियान जारी
हमलों के बाद पूरे बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कई शहरों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल किसी भी नागरिक के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि, हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और आने वाले घंटों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने BLA से हमलों को नाकाम बताया और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की तारीफ की। साथ ही इस हमले के पीछे भारत को जिम्मेदार बताया और कहा कि देश से आतंकवाद को समाप्त करने की लड़ाई जारी रहेगी।














