बोकारो: बोकारो पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को समय रहते नाकाम करते हुए रंगदारी और फायरिंग की योजना बना रहे तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। चास मुफस्सिल थाना पुलिस की इस कार्रवाई में एक कुख्यात अपराधी, जो सेवानिवृत्त दारोगा का बेटा बताया जा रहा है, उसके दो साथियों के साथ धर दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपी बांधडीह रेलवे साइडिंग में सिविल वर्क कर रही बिहार के बेगूसराय की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से रंगदारी वसूलने की साजिश रच रहे थे। रंगदारी नहीं मिलने पर दोबारा फायरिंग की पूरी तैयारी थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात होने से पहले ही आरोपी पकड़ लिए गए।
इंटेलिजेंस इनपुट पर हुई कार्रवाई
एसपी हरविंदर सिंह ने रविवार को चास एसडीपीओ प्रवीण सिंह, चास मुफस्सिल थाना प्रभारी प्रकाश मंडल और सियालजोरी थाना प्रभारी रंजित प्रसाद यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी हथियारों के साथ इलाके में घूम रहे हैं और रेलवे साइडिंग में रंगदारी को लेकर फायरिंग की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर चास मुफस्सिल थाना प्रभारी प्रकाश मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तलगरिया मोड़ के पास मोर्चाबंदी की।
इस दौरान एक संदिग्ध बंगाल नंबर की XUV-500 गाड़ी को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी तेज कर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए बांधडीह रेलवे ब्रिज के पास घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और उसमें सवार तीनों लोगों को धर दबोचा।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लोडेड पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, एक सैटेलाइट डोंगल, रंगदारी से जुड़ा धमकी भरा पर्चा बरामद किया। बरामद पर्चे में पहले की तरह गिरोह का नाम लिखकर डराने की कोशिश की गई थी।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों की पहचान रजनीश राज उर्फ रजनीश शर्मा उर्फ शुक्ला (पलामू, झारखंड),
सलमान अहमद खान (गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) और मोहम्मद सैफुद्दीन (मुजफ्फरपुर, बिहार) के रूप में हुई है।
कुख्यात अपराधी है रजनीश
चास एसडीपीओ प्रवीण सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी रजनीश बोकारो पुलिस के रिकॉर्ड में कुख्यात अपराधी है। वह पहले भी रेलवे साइडिंग में रंगदारी को लेकर फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में भी रेलवे साइडिंग में फायरिंग की घटना हुई थी। इसके बाद सितंबर 2025 में दोबारा फायरिंग की गई थी। 2025 की घटना में मिट्टी गिरा रहे एक ट्रैक्टर चालक को गोली लगी थी। घटना के बाद आरोपी ‘त्यागी गिरोह’ का नाम लिखा धमकी पर्चा फेंककर फरार हो गए थे।
पुलिस के अनुसार रजनीश झारखंड पुलिस के सेवानिवृत्त दरोगा का बेटा है। उसका हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर-9 से पुराना आपराधिक जुड़ाव रहा है। उस पर बोकारो के विभिन्न थानों में नौ से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। रजनीश पहले भी कुख्यात अपराधी गुड्डू सिंह के साथ आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। जेल से निकलने के बाद उसने बंगाल के कुछ अपराधियों से सांठगांठ कर अपना अलग गिरोह तैयार किया और रंगदारी व हथियार के बल पर दहशत फैलाने लगा।
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।














