पटना: बिहार के बाहुबली नेता और मोकामा से नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को विधायक पद की शपथ ली। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वे बेऊर जेल से सीधे बिहार विधानसभा पहुंचे। पटना सिविल कोर्ट से विशेष अनुमति मिलने के बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए विधानसभा लाया गया, जहां भारी पुलिस बल तैनात था।
विधानसभा पहुंचने पर अनंत सिंह ने सबसे पहले विधायक पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री के बगल में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। अनंत सिंह कुछ देर तक नीतीश कुमार के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे और दोनों के बीच हल्की बातचीत भी हुई। इसके बाद वे अपनी सीट पर जाकर बैठ गए।
माथे पर लंबा टीका लगाए अनंत सिंह की मौजूदगी ने सदन में सबका ध्यान खींचा। शपथ लेने के बाद अनंत सिंह को फिर पुलिस वाहन से वापस बेऊर जेल भेज दिया गया। वे फिलहाल दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में न्यायिक हिरासत में बंद हैं और पिछले करीब तीन महीनों से जेल में हैं।
साजिश के तहत फंसाया गया – अनंत सिंह
विधानसभा में शपथ ग्रहण के बाद जब मीडिया ने दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर सवाल किया तो अनंत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा, विपक्षी लोग मुझे बेवजह फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले की जांच चल रही है और हमें कोर्ट से पूरा न्याय मिलने की उम्मीद है। हम निर्दोष हैं।
जेल में रहते हुए लड़ा चुनाव, दर्ज की जीत
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान ही दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को हिरासत में लिया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बावजूद उन्होंने जेल के अंदर से ही मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
अंतिम सदस्य के रूप में ली शपथ
बिहार विधानसभा के कुल 243 सदस्यों में से 242 विधायक पहले ही शपथ ले चुके थे। अनंत सिंह ऐसे अंतिम विधायक रहे, जिन्होंने सदन की सदस्यता की शपथ ली।














