नई दिल्ली: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान मंगलवार को एक बार फिर भारी हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि हालात बेकाबू हो गए। इस दौरान कुछ सांसदों द्वारा लोकसभा स्पीकर की चेयर की ओर कागज फेंके जाने की घटना भी सामने आई, जिसे सदन की गरिमा के खिलाफ माना गया। लगातार व्यवधान और बार-बार की अपील के बावजूद जब स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो लोकसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के सात सांसदों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक सांसद को वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
निलंबित सांसदों में गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिक्कम टैगोर, हिबी ईडन, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेश्वरन, किरण रेड्डी और जिन कुरियोकोज शामिल हैं। विपक्षी सांसदों ने सदन में राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं मिलने के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए आसन के समीप कागज उछालकर फेंके थे।
लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में कहा कि बार-बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन विपक्षी सांसदों द्वारा नारेबाजी और व्यवधान जारी रहा, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित होती रही। ऐसे में संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया।
वहीं, सत्ता पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए इसे संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं का खुला उल्लंघन बताया। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहा है और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों में अड़चन डाल रहा है।
दूसरी ओर, विपक्ष ने सांसदों के निलंबन पर कड़ा ऐतराज जताया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और उनकी आवाज दबाने के लिए निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है।
लगातार शोर-शराबे और गतिरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः अध्यक्ष को सदन को दिनभर के लिए स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा।













