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ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा को काटकर ले गए चोर, 426 किलोग्राम था वजन

On: February 3, 2026 6:54 PM
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मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न के रोविल इलाके में स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा चोरी होने की घटना सामने आई है। यह प्रतिमा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की ओर से भेंट की गई थी और ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व रखती थी। घटना के बाद भारतीय समुदाय में गहरा आक्रोश और चिंता देखी जा रही है।


पुलिस के अनुसार, यह चोरी सोमवार देर रात करीब 12:50 बजे हुई। सीसीटीवी फुटेज और प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीन अज्ञात लोग मौके पर पहुंचे और एंगल ग्राइंडर की मदद से लगभग 426 किलोग्राम वजनी कांस्य प्रतिमा को उसके आधार से काट दिया। सामने आई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि प्रतिमा को टखनों के पास से काटा गया, जबकि उसके पैर वहीं आधार पर रह गए। यह दृश्य न सिर्फ चोरी की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि जानबूझकर की गई तोड़फोड़ की ओर भी इशारा करता है।
इस पूरे मामले की जांच विक्टोरिया पुलिस की नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट को सौंपी गई है। पुलिस ने आसपास के सभी स्क्रैप मेटल डीलरों को अलर्ट जारी किया है और निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति इस कांस्य प्रतिमा या उससे जुड़े हिस्सों को बेचने की कोशिश करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि चोरी का मकसद केवल धातु बेचकर मुनाफा कमाना था या इसके पीछे कोई संगठित साजिश या नफरत से जुड़ा कारण है।


घटना को लेकर भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी करते हुए कहा, हम मेलबर्न के रोविल स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ की गई तोड़फोड़ और अज्ञात लोगों द्वारा उसे हटाए जाने की कड़ी निंदा करते हैं। हमने इस मामले को ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के समक्ष सख्ती से उठाया है और उनसे आग्रह किया है कि वे लापता प्रतिमा को जल्द से जल्द बरामद करें और दोषियों को जवाबदेह ठहराने के लिए तत्काल कार्रवाई करें।


ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों का कहना है कि महात्मा गांधी की प्रतिमा सिर्फ एक धातु की मूर्ति नहीं, बल्कि अहिंसा, सत्य और शांति के मूल्यों का प्रतीक है। इस तरह की घटना न केवल भारतीय समुदाय की भावनाओं को आहत करती है, बल्कि बहुसांस्कृतिक समाज के मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती है।


फिलहाल पुलिस जांच जारी है और भारतीय समुदाय को उम्मीद है कि प्रतिमा जल्द बरामद होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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