गुरुग्राम: गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शुक्रवार, 6 फरवरी को करीब ₹500 करोड़ के बड़े प्रॉपर्टी फ्रॉड मामले में 32nd मिलस्टोन (32nd एवेन्यू) के CEO ध्रुव दत्त शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शर्मा ने एक ही कमर्शियल बिल्डिंग के एक ही फ्लोर को 25 से अधिक अलग-अलग खरीदारों को बेच दिया।
गिरफ्तारी के बाद शर्मा को शहर की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस इस दौरान पूरे नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
2021 से 2023 के बीच रची गई धोखाधड़ी
EOW के मुताबिक, यह कथित धोखाधड़ी वर्ष 2021 से 2023 के बीच की गई। जांच में सामने आया है कि एक ही प्रॉपर्टी को बार-बार बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
शिकायत से खुला पूरा मामला
यह मामला उस समय सामने आया जब ट्राम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2021 में 32nd मिलस्टोन विस्टास प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में अपरा मोटेल्स) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में बताया गया कि कंपनी ने यूनिट नंबर-24, करीब 3,000 वर्ग फुट के एक पूरे फ्लोर को ₹2.5 करोड़ में बेचने की पेशकश की थी। खरीदार ने सितंबर 2021 में पूरी राशि का भुगतान भी कर दिया, लेकिन इसके बावजूद आज तक कन्वेयंस डीड (रजिस्ट्री दस्तावेज) निष्पादित नहीं की गई।
नोटिस के बावजूद नहीं मिला जवाब
खरीदार की ओर से कई बार फॉलो-अप किया गया और अक्टूबर 2023 में कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यही फ्लोर 25 अन्य लोगों को भी बेचा गया था। इतना ही नहीं, इन सभी खरीदारों से 30 वर्षों की लीज एक अलग कंपनी ग्रोथ हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर कराई गई थी।
FIR दर्ज, CEO गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस थाना में FIR दर्ज की गई। सबूत जुटाने और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने DLF कैमेलियास, गुरुग्राम निवासी ध्रुव दत्त शर्मा को गिरफ्तार किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में ध्रुव दत्त शर्मा ने स्वीकार किया कि 32nd मिलस्टोन बिल्डिंग के पहले फ्लोर की डील 2021 में ₹2.5 करोड़ में हुई थी, लेकिन इसके बावजूद कन्वेयंस डीड नहीं की गई। इसके बाद उसी प्रॉपर्टी को कई अन्य लोगों को बेच दिया गया।
Forbes 30 Under 30 में शामिल रह चुके हैं शर्मा
गौरतलब है कि ध्रुव दत्त शर्मा का नाम वर्ष 2018 में Forbes की 30 Under 30 सूची में भी शामिल रह चुका है। अब उनकी गिरफ्तारी से रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।











