12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतरेंगे किसान -सुफल महतो
जमशेदपुर :- झारखंड राज्य किसान सभा, सरायकेला-खरसावां जिला किसान सभा का 8 वां जिला सम्मेलन कामरेड विजय महतो नगर,महतो नगर,श्यामसुंदर महतो मंच – रघुनाथपुर में शिवप्रसाद पाण्डेय, हरे कृष्ण महतो,तारापदो रवानी के संयुक्त अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा अखिल भारतीय किसान सभा देश का सबसे बड़ा किसान संगठन है, आजादी के संघर्षों से लेकर देश भर में किसान आन्दोलन का गौरवशाली इतिहास रहा है,एक मह के अन्दर मोदी सरकार द्वारा किसान विरोधी 4 लेबर कोड, बिजली विधेयक, मनरेगा के खत्म कर बी,भी,जी,राम जी विधेयक, भारत – अमेरिका व्यापार समझौता , किसान विरोधी केंद्रीय बजट देश के किसानो पर सबसे बड़ा हमला है, भारतीय किसानों के लिए मौत का घंटी है। कृषि संकट, किसान आत्महत्याएं, कृषि लागत,महंगाई , बेरोजगारी, नीजीकरण बढ़ेगा और बढ़ेगा। अमेरिकी कृषि उपज के लिए शुन्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार खोलने तथा भारतीय कृषि उपज पर अमेरिकी बाजार में 18 प्रतिशत टेरिफ भारतीय किसानों का कमर तोड़ देगा।
घोषित एम् एस पी 24रू50 पैसा के बजाय 15 रू 18 रु में किसानों का धान खरीदी किया जा रहा है, प्रति किवंटल 750 रू से 950 रू की धान लूट के खिलाफ हर गांवों ,हर घर में किसान बचाओ अभियान चला कर किसान आन्दोलन तेज करना किसानों का एकमात्र रास्ता है,भारत में इस विपरित परिस्थिति के खिलाफ 12 फरवरी के देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में व्यापक पैमाने पर किसान सड़कों पर उतरेंगे। जिला सचिव प्रबोध महतो ने सम्मेलन में रिपोर्ट पेश किया। जिला भर के किसान प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट पर बहस में भाग लिया। तत्पश्चात नयी जिला जिला किसान कोंसिल का चुनाव किया गया। हरे कृष्ण महतो जिला सचिव, तारा पदों रवानी-जिला अध्यक्ष एवं निशिकांत महतो- कोषाध्यक्ष चुने गए,सुरेंद्र नाथ महतो, सत्य रंजन कोटका, उमापदो महतो-, उपाध्यक्ष एवं प्रबोध महतो, शक्ति पदो मंडल, परसुराम सिंह – संयुक्त सचिव तथा शिवप्रसाद पाण्डेय, गुणाधर कैवरत, रामाशंकर गोराई, यमुना देवी, फूलमनी कालिंदी,कमल पारित , जिला किसान कोंसिल सदस्य तथा रमानाथ महतो, गंगाधर महतो आमंत्रित सदस्य चुने गए। 26,27,28 फरवरी 8 वां झारखंड राज्य किसान सभा सम्मेलन नगड़ी, रांची के लिए प्रतिनिधि का चुनाव किया गया। जिला सम्मेलन के पश्चात कामरेड सुचांद महतो चौंक में भारत – अमेरिका व्यापार समझौता के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप एवं मोदी सरकार का पूतला दहन किया गया। अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए शुन्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार नहीं चलेगा, भारतीय कृषि उपजों पर अमेरिका में 18 प्रतिशत टेरिफ नहीं चलेगा , भारतीय संप्रभुता के साथ खिलवाड़ नहीं चलेगा, अमेरिका की दादागिरी नहीं चलेगा आदि नारे लग रहे।12 फरवरी का देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतरेंगे किसान। हर गांव में भारत – अमेरिका व्यापार समझौता के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप एवं मोदी सरकार का पूतला दहन करने का आव्हान किया गया।









