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जेल जाने से पहले छलका राजपाल यादव का दर्द, बोले- ‘मेरे पास पैसे नहीं हैं, दूसरा उपाय भी नहीं’

On: February 10, 2026 10:36 AM
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Rajpal Yadav: बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर अपनी फिल्मों नहीं, बल्कि कानूनी परेशानियों को लेकर सुर्खियों में हैं। चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत के सख्त रुख के बाद राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा। सरेंडर से ठीक पहले दिया गया उनका भावुक बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

अधिकारियों के सामने पेश होने से पहले राजपाल यादव ने बेहद टूटे हुए लहजे में अपनी स्थिति बयां की। उन्होंने कहा, सर, क्या करूं, मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नजर नहीं आता। यहां हम सब अकेले हैं और इस संकट से मुझे खुद ही निकलना होगा।
उनके ये शब्द उनके ऊपर चल रहे आर्थिक और मानसिक दबाव की साफ तस्वीर पेश करते हैं।

राजपाल यादव का यह मामला कोई नया नहीं है। इसकी शुरुआत साल 2010 में हुई थी, जब उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। दुर्भाग्य से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिससे अभिनेता को भारी नुकसान उठाना पड़ा और कर्ज चुकाना उनके लिए मुश्किल होता चला गया।

कर्ज चुकाने के लिए जारी किए गए कई चेक समय पर क्लियर नहीं हो सके और चेक बाउंस हो गए। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने धारा 138 (चेक बाउंस केस) के तहत राजपाल यादव और उनकी पत्नी को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी। हालांकि, इसके बाद उन्होंने इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती दी, जिससे मामला सालों तक चलता रहा। लंबी कानूनी प्रक्रिया और लगातार देरी के चलते बकाया रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस दौरान राजपाल यादव ने आंशिक भुगतान भी किए। बताया जाता है कि साल 2025 में उन्होंने 75 लाख रुपये चुकाए, लेकिन इसके बावजूद अदालत उनकी ओर से लगातार मांगी जा रही मोहलत से नाराज थी।

4 फरवरी 2026 को इस मामले में बड़ा मोड़ आया, जब अदालत ने राजपाल यादव की एक हफ्ते की अतिरिक्त मोहलत की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि लोकप्रियता के आधार पर किसी को विशेष रियायत नहीं दी जा सकती और कानून सभी के लिए बराबर है।

इसके बाद अदालत ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया, जिसके तहत राजपाल यादव को तिहाड़ जेल जाना पड़ा।

राजपाल यादव के जेल जाने की खबर से उनके प्रशंसकों में मायूसी है। सोशल मीडिया पर जहां कुछ लोग उनके प्रति सहानुभूति जता रहे हैं, वहीं कई यूजर्स कानून की सख्ती को सही ठहरा रहे हैं।

फिलहाल, अभिनेता की कानूनी लड़ाई एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है और यह मामला यह सवाल भी खड़ा करता है कि शोहरत और सफलता के बावजूद आर्थिक फैसलों की कीमत कितनी भारी पड़ सकती है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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