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पलामू प्रमंडल के ऐतिहासिक किलों और धार्मिक स्थलों के विकास का मुद्दा सदन में उठा

On: February 11, 2026 11:36 PM
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नई दिल्ली/पलामू: झारखंड राज्य के पलामू प्रमंडल की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण और समग्र विकास का महत्वपूर्ण मुद्दा लोकसभा में उठाया गया। पलामू के माननीय सांसद श्री विष्णु दयाल राम ने नियम 377 के तहत यह मामला सदन के समक्ष रखते हुए केंद्र सरकार से ठोस पहल की मांग की।

सांसद ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर राज्य है, जहां पहाड़, घने जंगल, नदियां, झीलें और अनेक ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल मौजूद हैं। विशेष रूप से पलामू प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले खनिज संपदा के साथ-साथ समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए भी प्रसिद्ध हैं। यह क्षेत्र चेरो वंश के आदिवासी राजा मेदिनी राय की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी जाना जाता है।

ऐतिहासिक किलों के संरक्षण की मांग

श्री राम ने लातेहार जिले में स्थित पुराना और नया पलामू किला, शाहपुर किला तथा विश्व प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व (बेतला) को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन किलों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के माध्यम से कराया जाना चाहिए ताकि इनकी ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रह सके और पर्यटन को बढ़ावा मिले।

प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की अपार संभावनाए

उन्होंने बेतला नेशनल पार्क, मलय डैम, कमलदह झील और केचकी इको-रिट्रीट जैसे प्राकृतिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि इन स्थानों का योजनाबद्ध विकास किया जाए तो यह क्षेत्र राज्य ही नहीं, देश के प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्रों में शामिल हो सकता है।

धार्मिक स्थलों के विकास पर भी जोर

सांसद ने गढ़वा और पलामू जिलों में स्थित कई प्राचीन और आस्था के केंद्रों का भी जिक्र किया। इनमें प्रमुख हैं

गढ़वा: श्री बंशीधर मंदिर, मां गढ़ देवी मंदिर, केतार देवी मंदिर, बाबा खोनहरनाथ मंदिर और सतबहिनी झरना तीर्थ

पलामू: राधा-कृष्ण मंदिर (बभंडी), मां मंगला गौरी मंदिर (बंदुआ), कुसुमदहा मंदिर (चैनपुर), शिव संपत धाम (उटारी रोड), देवी धाम (हैदरनगर), चैगौना धाम (खोढ़ी, छतरपुर), देवगन मंदिर (छतरपुर), सूर्य मंदिर (दंगवार), भैसाखुर मंदिर (मेदिनीनगर), सूर्य मंदिर (बड़कागांव) और शिव मंदिर (जोड़)

सांसद ने कहा कि इन स्थलों के समुचित विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

माननीय सांसद ने जोर देकर कहा कि पर्यटन अवसंरचना के विकास से क्षेत्र में होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

श्री विष्णु दयाल राम ने केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय और पुरातत्व विभाग से अनुरोध किया कि पलामू प्रमंडल के ऐतिहासिक किलों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार ASI के माध्यम से कराया जाए। प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों का समग्र विकास केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी, जिससे पलामू प्रमंडल की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित हो सके।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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