चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में मंगलवार को हुए आईईडी विस्फोट में दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह विस्फोट पहले से लगाए गए विस्फोटक के कारण हुआ, जिसकी चपेट में आकर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सुरक्षा बल जब बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक दोनों ने दम तोड़ दिया था।
मृतकों की पहचान तिरिलपोसी गांव निवासी जयसिंह चेरोवा (35) और सलाई चेरोवा (31) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे दोनों ग्रामीण जंगल में वनोपज संग्रह के लिए गए थे। इसी दौरान वे उस आईईडी के संपर्क में आ गए, जिसे कथित तौर पर पहले से लगाया गया था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि दोनों मौके पर ही बुरी तरह घायल होकर गिर पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन सारंडा के घने जंगल और अंधेरा छा जाने के कारण राहत कार्य में काफी बाधाएं आईं। जिला पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आईईडी सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लगाया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश निर्दोष ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए।
बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे जब सुरक्षाबल घटनास्थल तक पहुंचे, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को सूचित किया गया।
इस घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने राहत कार्य में देरी पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय रहते मदद पहुंचती तो शायद दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षाबलों को आशंका है कि जंगल में और भी आईईडी लगाए गए हो सकते हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बिना सूचना के जंगल के संवेदनशील इलाकों में न जाएं और किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।














