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Pulwama Attack: 14 फरवरी का वो काला दिन, जब उजड़ गई 40 परिवारों की दुनिया

On: February 14, 2026 10:33 AM
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Pulwama Attack: हर साल 14 फरवरी भारत के इतिहास में एक काले दिवस के रूप में याद किया जाता है। इसी दिन वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 वीर जवान शहीद हो गए थे। यह हमला भारतीय सुरक्षा बलों पर अब तक का सबसे घातक आतंकी हमला माना जाता है।

कैसे हुआ था हमला

14 फरवरी, 2019 को 2,500 से अधिक सीआरपीएफ जवानों को ले जा रहा वाहनों का एक बड़ा काफिला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान पुलवामा जिले में विस्फोटकों से भरी एक कार ने काफिले की एक बस को टक्कर मार दी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और 40 जवानों ने वीरगति प्राप्त की। जवान जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे थे और बड़ी संख्या में एक साथ यात्रा कर रहे थे, जिसके कारण जान-माल का नुकसान अत्यधिक हुआ।

हमले की साजिश और जिम्मेदारी

इस आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला आतंकी आदिल अहमद डार स्थानीय कश्मीरी था, जिसे पहले कट्टरपंथी बनाया गया और बाद में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा भर्ती किया गया। जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे बदले की कार्रवाई बताया था। इस घटना की न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निंदा हुई।

भारत-पाक तनाव और कूटनीतिक कार्रवाई

पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) दर्जा रद्द करना, पाकिस्तानी उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाना जैसे अहम निर्णय शामिल थे।

बालाकोट एयर स्ट्राइक

हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट क्षेत्र में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर हवाई हमला किया। इस कार्रवाई में आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया।

काला दिवस: शोक नहीं, संकल्प का प्रतीक

भारत में 14 फरवरी को मनाया जाने वाला काला दिवस केवल शोक का दिन नहीं है, बल्कि उन शहीदों को याद करने का एक गरिमामय अवसर है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह दिन हमें आतंकवाद के दुष्परिणामों, राष्ट्रीय एकता, सतर्कता और संकट की घड़ी में एकजुट रहने की आवश्यकता का स्मरण कराता है। पुलवामा के शहीदों का बलिदान साहस, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल है।

प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा हमले की बरसी पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘2019 में आज के दिन पुलवामा में अपनी जान देने वाले बहादुर नायकों को याद करते हुए। देश के प्रति उनकी भक्ति, संकल्प और सेवा हमेशा हमारे सामूहिक मन में अंकित रहेगी। हर भारतीय को उनकी हिम्मत से ताकत मिलती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश शहीद जवानों की बहादुरी और समर्पण को कभी नहीं भूलेगा और उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।’

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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