दुमका: शहर के वीर कुंवर सिंह चौक स्थित सदर इंस्पेक्टर ऑफिस के पीछे बरामदे में एक आदिवासी महिला और उसकी मासूम बेटी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि, मंगलवार की शाम 35 वर्षीय महिला अपनी लगभग छह वर्षीय बेटी के साथ वीर कुंवर सिंह चौक के पास खड़ी थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक वाहन चालक जैनुल हक उर्फ जैनुल अंसारी की नजर उन पर पड़ी। आरोपी महिला और बच्ची को बहला-फुसलाकर पास ही सदर इंस्पेक्टर ऑफिस के पीछे ले गया। वहां उसने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के दौरान बच्ची ने अपनी मां के साथ हो रही हैवानियत देख ली थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को डर था कि बच्ची इस घटना की जानकारी किसी को न बता दे। इसी आशंका में उसने गमछे से बच्ची का गला घोंटकर उसकी भी हत्या कर दी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद आरोपी महिला के पास मौजूद नकदी लेकर फरार हो गया। बताया गया कि महिला ने कुछ ही समय पहले बैंक से पांच हजार रुपये की निकासी की थी, जिसे आरोपी लूटकर ले गया।
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और सुरागों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।इस मामले में सदर थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से महिला का छीना हुआ पांच हजार रुपये और बैंक पासबुक भी बरामद कर लिया है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।














