रांची: झारखंड में हाथियों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्य सरकार अब सक्रिय मोड में नजर आ रही है। शनिवार को कांके स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मानव-हाथी संघर्ष को रोकने, प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत देने और जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हाथियों के हमलों में जान-माल का नुकसान अत्यंत गंभीर विषय है और इसे रोकने के लिए विभाग समन्वित एवं तकनीकी रणनीति के साथ काम करे। उन्होंने निर्देश दिया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को प्रशिक्षित कर एलीफेंट रेस्क्यू टीम बनाई जाए, ताकि आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
12 दिनों में मुआवजा देने का निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाथी हमलों में मृत या घायल लोगों के परिजनों को 12 दिनों के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पिछले पांच वर्षों में हुई मौतों, घायलों और दिए गए मुआवजे का पूरा डाटा सरकार को शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि नीति निर्माण में सटीक आंकड़ों का उपयोग किया जा सके।
27 मौतों पर जताई चिंता
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि बीते कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में हाथियों के हमलों में 27 लोगों की मौत हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और हाथियों की मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जाए।
ग्रामीणों को दी जाएगी आवश्यक सामग्री
मुख्यमंत्री ने हाथियों को गांवों से दूर रखने के लिए ग्रामीणों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसमें मशाल, डीजल, केरोसिन, पुराने टायर, टॉर्च तथा सोलर सायरन जैसी चीजें शामिल हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक और सुरक्षित तरीके से हाथियों को आबादी से दूर रखने में किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव-हाथी संघर्ष को कम करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए विभाग, जिला प्रशासन तथा स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी, पीसीसीएफ (हॉफ) संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) रवि रंजन, सीसीएफ (वाइल्डलाइफ) एस०आर० नाटेश, आरसीएफ हजारीबाग आर०एन० मिश्रा, आरसीएफ बोकारो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।










