रांची: राजधानी रांची में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हाल के दिनों में व्यवसायियों को मिल रही धमकियों और रंगदारी की घटनाओं के पीछे सक्रिय गिरोह पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अमन साहू गिरोह का खास गुर्गा अश्विनी कुमार पर्वता उर्फ कटप्पा उर्फ जॉनी और राहुल सिंह गिरोह के दो शूटर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, अमन साहू के मारे जाने के बाद कटप्पा ने अपना नेटवर्क बदलते हुए राहुल सिंह गिरोह के लिए काम करना शुरू कर दिया था। तीनों आरोपी रांची में गोलीबारी कर दहशत फैलाने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। इनकी गिरफ्तारी के बाद रांची में हुई कई फायरिंग की घटनाओं से भी पर्दा उठ गया है।
15 फरवरी को राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली कि राहुल सिंह गिरोह के कुछ अपराधी रांची के व्यवसायियों में खौफ फैलाने के इरादे से हथियारों का लेन-देन करने वाले हैं। यह सौदा जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में बिरसा मुण्डा एयरपोर्ट के पास होने की जानकारी मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बिना देर किए एयरपोर्ट की दक्षिणी चाहरदिवारी के पास झाड़ियों और खुले मैदान में घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो अपराधियों को रंगे हाथों दबोच लिया। इनकी पहचान पंकज कुमार उर्फ सोनू शर्मा और रियांश सिंह उर्फ स्वतंत्र उर्फ आरडीएक्स के रूप में हुई। इनके पास से एक देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे राहुल सिंह के निर्देश पर रांची आए थे और किसी बड़ी गोलीबारी की घटना को अंजाम देने का इंतजार कर रहे थे। गहन पूछताछ के दौरान ‘कटप्पा’ का नाम सामने आया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि कटप्पा गिरोह के लिए हथियार और कारतूस की सप्लाई का मुख्य जिम्मेदार था।
पुलिस के मुताबिक कटप्पा पहले अमन साहू गिरोह और राहुल दुबे गिरोह के लिए भी काम कर चुका है। फिलहाल वह राहुल सिंह गिरोह में सक्रिय था। उसका काम व्यवसायियों के मोबाइल नंबर जुटाना, व्हाट्सएप के जरिए धमकी भरे मैसेज भेजना और गिरोह के लिए हथियारों की व्यवस्था करना था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से 1 देशी पिस्टल, 2 मैगजीन, 15 जिंदा कारतूस, 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इस पूरे मामले में जगन्नाथपुर थाना में कांड संख्या 32/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की गहन जांच में जुट गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रांची समेत कई जिलों में अपराध के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।














