रांची: सऊदी अरब से गिरिडीह जिले के एक प्रवासी मजदूर का शव करीब चार महीने बाद रांची हवाई अड्डा पहुंचा, लेकिन लंबित मुआवजे को लेकर परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया है। मृतक की पहचान 27 वर्षीय विजय कुमार महतो के रूप में हुई है। विजय कुमार महतो की मौत सऊदी अरब में पुलिस और एक गैंग के बीच कथित तौर पर हुई गोलीबारी में फंसने से हुई थी।
अधिकारियों के अनुसार, परिवार ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक संबंधित कंपनी मुआवजे को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक वे शव स्वीकार नहीं करेंगे। इस कारण फिलहाल शव को राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है।
मृतक के परिजन ने बताया कि परिवार बेहद आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, जब तक कंपनी मुआवजे को लेकर लिखित गारंटी नहीं देती, हम शव नहीं लेंगे। मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
राज्य प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम लीडर शिखा लाकड़ा ने जानकारी दी कि विजय कुमार महतो की मौत अक्टूबर महीने में सऊदी अरब में कथित गोलीबारी की घटना में हुई थी। यह मामला वर्तमान में जेद्दा की अदालत में लंबित है और अंतिम मुआवजे का निर्धारण अदालत के फैसले के बाद ही हो पाएगा। भारतीय दूतावास से सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन के सहयोग से शव को भारत लाया गया।
वहीं, गिरिडीह के उपायुक्त राम निवास यादव ने बताया कि राज्य सरकार की योजना के तहत विदेश में कार्यरत प्रवासी श्रमिक की मृत्यु होने पर ₹5 लाख की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भुगतान की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है। प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि परिवार अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो जाए।
विजय कुमार महतो डुमरी प्रखंड के दूधपनिया गांव के निवासी थे और सऊदी अरब में टावर लाइन फिटर के रूप में कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी, पांच वर्ष और तीन वर्ष के दो छोटे बच्चे तथा वृद्ध माता-पिता हैं। परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन और प्रवासी सहायता से जुड़े विभाग मामले का समाधान निकालने की कोशिश में जुटे हैं, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक राहत मिल सके और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सके।














