नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किला के पास कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में जम्मू-कश्मीर नंबर की कार के साथ खड़ा मिला, जिसे पुलिस ने शक के आधार पर हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान युवक ने खुद को एनआईए अधिकारी बताने की कोशिश की और फर्जी पहचान पत्र भी दिखाया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, युवक की गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं। हाल ही में लाल किले के आसपास सुरक्षा पहले से ही कड़ी है, क्योंकि पिछले साल नवंबर में इसी इलाके में एक कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। ऐसे में जब जम्मू-कश्मीर नंबर की गाड़ी और युवक की मौजूदगी सामने आई, तो पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
हिरासत में लिए जाने के बाद युवक ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताया। उसने एक फर्जी आई-कार्ड भी पेश किया, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में उसकी कहानी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई।
कड़ाई से पूछताछ करने पर युवक ने अपना असली नाम मुदस्सिर बताया। मुदस्सिर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का निवासी है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह कश्मीरी युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने का काम करता था। खुद को सरकारी एजेंसी से जुड़ा बताकर वह लोगों का भरोसा जीतता और उनसे पैसे ऐंठ लेता था।
पुलिस ने आरोपी मुदस्सिर को गिरफ्तार कर कोतवाली पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। शुरुआती जांच में ठगी से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है और उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपी के मोबाइल, दस्तावेज़ और संपर्कों की छानबीन की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि कहीं इस ठगी के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।














