रांची: देश में मतदाता सूची को और अधिक सटीक व अद्यतन बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने गुरुवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा करते हुए इसे पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस संबंध में चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि SIR से जुड़ी सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां जल्द से जल्द पूरी की जाएं, ताकि आगे किसी तरह की देरी न हो।
चुनाव आयोग की योजना के अनुसार जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR लागू किया जाएगा, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड,
दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल हैं।

आयोग के मुताबिक बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। वहीं, देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया फिलहाल प्रगति पर है।
चुनाव आयोग ने संकेत दिए हैं कि एक बार मौजूदा चरण की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश SIR के दायरे में आ जाएंगे। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना और योग्य नागरिकों के नाम जोड़ना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बन सके।










