धारवाड़: कर्नाटक में धारवाड़–सावदत्ती रोड पर हुई एक महिला की मौत का मामला, जिसे पहले एक सामान्य सड़क हादसा समझा जा रहा था, अब पुलिस जांच के बाद सुनियोजित हत्या में बदल गया है। जांच में सामने आए तथ्यों ने इस घटना को सुपारी किलिंग का रूप दे दिया है।
43 वर्षीय ललिता हट्टरगी की 26 फरवरी की दोपहर एक महिंद्रा थार एसयूवी की टक्कर से मौत हो गई थी। घटना अमीनाभावी गांव के पास हुई थी। शुरुआती जांच में इसे हिट-एंड-रन मानते हुए धारवाड़ ग्रामीण पुलिस ने मामला दर्ज किया था। ललिता को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया था।
बदली जांच की दिशा
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब ललिता के पिता ने पुलिस के समक्ष संदेह जताया कि उनकी बेटी की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि एक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने वैवाहिक विवाद और संपत्ति को लेकर चल रहे तनाव की ओर इशारा किया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की।
डैशकैम फुटेज बना अहम सुराग
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग सामने आया। जिस बस के पीछे थार चल रही थी, उसमें लगे डैशकैम की फुटेज पुलिस के हाथ लगी। फुटेज में कथित तौर पर देखा गया कि एसयूवी (थार) ने अचानक रफ्तार बढ़ाई और सड़क किनारे पैदल चल रही ललिता को पीछे से टक्कर मारी। इस दृश्य ने ‘दुर्घटना’ की थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए और जानबूझकर टक्कर मारने की आशंका को मजबूत किया।
पति पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस जांच में ललिता के पति उदय हट्टरगी को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2000 में हुई शादी के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी और पिछले करीब दस वर्षों से वे अलग रह रहे थे। मामला अदालत में लंबित था और अंतिम चरण में बताया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, समझौते की बातचीत के दौरान ललिता ने दो एकड़ जमीन मुआवजे के रूप में मांगी थी। पुलिस का आरोप है कि संपत्ति छोड़ने से बचने के लिए उदय ने पत्नी की हत्या की साजिश रची। कथित तौर पर उसने तीन व्यक्तियों को 40 लाख रुपये की सुपारी दी।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन उदय ने बातचीत के बहाने ललिता को एक तय स्थान पर बुलाया। अमीनाभावी गांव के पास पहले से थार एसयूवी में मौजूद आरोपियों ने मौके का इंतजार किया और फिर वाहन से कुचलकर हत्या को अंजाम दिया। पूरी वारदात को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।
पुलिस ने पति समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा थार एसयूवी को जब्त कर लिया गया है। हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब वित्तीय लेन-देन, कॉल डिटेल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि साजिश की पूरी कड़ी को अदालत में मजबूती से पेश किया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे संभव हैं।
यह मामला दर्शाता है कि कई बार दिखने में साधारण लगने वाली दुर्घटनाओं के पीछे गंभीर आपराधिक साजिश छिपी हो सकती है।














