झारखंड वार्ता संवाददाता
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा): पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में हुई हिंसक घटना को लेकर बंशीधर क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक श्री बंशीधर नगर में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले के सभी पहलुओं को सामने लाने की मांग की।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि रामपुर घटना को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत कर राजपूत समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विवादित भूमि से जुड़े आवश्यक दस्तावेज संबंधित परिवार के पास उपलब्ध हैं और पूरे मामले की गहन जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि घटना से पहले राजपूत परिवार के तीन नाबालिग बच्चों को बंधक बनाए जाने की घटना हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और स्थिति हिंसक झड़प में बदल गई। बैठक में यह भी कहा गया कि घटना के दौरान दोनों पक्षों की ओर से हथियारों के इस्तेमाल की बात सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई।
बैठक में प्रशासन से मांग की गई कि उपलब्ध साक्ष्यों, भूमि संबंधी दस्तावेजों तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। संगठन ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी समुदाय या पक्ष को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।
संगठन ने जनप्रतिनिधियों से भी संवेदनशील मामलों में संतुलित और जिम्मेदार बयान देने की अपील की। साथ ही प्रशासन से क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि सत्य और तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि न्याय के साथ-साथ सामाजिक समरसता भी कायम रह सके।
मौके पर बंशीधर क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष इंदल सिंह, उपाध्यक्ष जय सिंह, प्रखंड अध्यक्ष दादुल सिंह, केतार प्रखंड अध्यक्ष राजू सिंह, विशुनपुरा प्रखंड अध्यक्ष रूपेश सिंह, संरक्षक ललन प्रताप देव सहित बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य उपस्थित थे।
चैनपुर हिंसा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग, बंशीधर क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट की बैठक में उठा मुद्दा














