गढ़वाझारखंड

‘आपन सरस्वतिया’ अभियान का मेराल में विस्तार, श्रमदान कर शुरू हुई नदी सफाई

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झारखंड वार्ता संवाददाता

गढ़वा/मेराल: सदर अनुमंडल पदाधिकारी की पहल पर चलाए जा रहे “आपन सरस्वतिया” अभियान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को मेराल प्रखंड में सरस्वतिया नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग कार्य का उत्साहपूर्ण माहौल में शुभारंभ किया गया। अंचलाधिकारी यशवंत नायक के नेतृत्व में स्थानीय बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर अभियान की शुरुआत की।

अभियान के तहत नदी क्षेत्र में जमा कचरे की सफाई के साथ-साथ नदी में जमी गाद को हटाने का कार्य भी शुरू किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने श्रमदान कर नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्जीवित करने के लिए अपनी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने सरस्वतिया नदी के संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प भी लिया।

अभियान के शुभारंभ से पहले उपस्थित लोगों के बीच मिठाइयों का वितरण किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरस्वतिया नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत है, जिसका संरक्षण समाज की साझा जिम्मेदारी है।

अंचलाधिकारी यशवंत नायक ने कहा कि जनसहभागिता से संचालित ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने लोगों से नदी को स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए निरंतर सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार की पहल पर शुरू किया गया “आपन सरस्वतिया” अभियान अब जनआंदोलन का स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है। मेराल क्षेत्र में भी लोगों का उत्साह और भागीदारी अभियान की सफलता का संकेत दे रहा है।

मौके पर मुखिया रामसागर महतो, मुखिया प्रतिनिधि मुन्नाराम, पूर्व जिला परिषद सदस्य संजय भगत, विधायक प्रतिनिधि डॉ. लालमोहन, समाजसेवी अतहर अली अंसारी, धनंजय चौधरी, मनोज जायसवाल, रोहित कुमार, कृष्ण प्रसाद कुशवाहा, यासिन अंसारी, मोबिन अंसारी, रूपू महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे। एसडीएम संजय कुमार एवं अंचलाधिकारी यशवंत नायक ने अभियान में सहयोग कर रहे लोगों के प्रयासों की सराहना की।

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Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।