खासम ख़ासजमशेदपुरझारखंड

मोदी सरकार की हो रही चारों तरफ आलोचना:सुधीर कुमार पप्पू

ख़बर को शेयर करें

जमशेदपुर:मोदी सरकार के दिन कुछ अच्छे नहीं चल रहे हैं देश से लेकर विदेश तक हो रही है आलोचना। प्रधानमंत्री के दौरे के क्रम में ऑस्ट्रेलिया के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारे लगाए, जबकि देश में अयोध्या राम मंदिर में लूट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही लोगों ने निशाना साधा है। लाखों युवा और छात्र सड़क पर है मोदी सरकार के खिलाफ। ऐसा लगता है कि मोदी सरकार के अंतिम दिन चल रहे हैं। सामाजिक चिंतक अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने उक्त बातें एक बयान जारी कहीं है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार जनता एवं देशमें विकास की अनदेखी कर रही है।

इसी कारण मोदी सरकार के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश व्याप्त एवं 2014 से मोदी सरकार ने देश के सभी वर्गों को उलझन में फंसा रखा है कभी हिंदू मुस्लिम, कभी मंदिर मस्जिद, नोटबंदी, कोरोना काल, ईडीसीबीआई, बेरोजगारी, यूजीसी, जात- पात ,गैस बंदी, पेट्रोल बंदी, महंगाई, चुनाव मतदाता सूची पुनरीक्षण(SIR) एवं अन्य है। मोदी सरकार देश में लोकतंत्र की हत्या कर रही है विपक्ष के सांसद विधायकों को खरीदा जा रहा है पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र का अपहरण कर लिया गया। मणिपुर तीन सालों से जल रही है दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे के नाम पर मौज मस्ती करने जाते हैं। देश में महंगाई बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई पहल नहीं हो रही है। युवा और छात्र वर्ग बड़े आंदोलन की तैयारी में है। जबकि भाजपा के अंदर ही सत्ता पर काबिज रहने के लिए खींच तान चल रही है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी मंत्रिमंडल में ही बगावत होने वाली है। तीन महीना से चर्चा है कि मोदी मंत्रिमंडल मेँ फेरबदल होगा परंतु बगावत के डर से फेरबदल नहीं हो रहा है। देखने में आ रहा है कि पुराने समर्पित भाजपाई संगठन से दूर होते चले जा रहे हैं। इससे प्रतीत होता है कि मोदी सरकार का पतन जल्द होगा।

Avatar photo

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।