एसपी की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित, JSSC परीक्षा की सुरक्षा और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
गढ़वा : समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार कक्ष में आज पुलिस अधीक्षक (SP), गढ़वा की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना और ओपी प्रभारियों को मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए बधाई दी। इसके बाद उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुवार निर्देश जारी किए।
JSSC परीक्षा की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था सर्वोपरि
बैठक में आगामी 19 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली JSSC परीक्षा को लेकर विशेष चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि जिले के विभिन्न थानों के अंतर्गत निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर सफल और कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराने के लिए सभी संभावित सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन और अपराधियों पर पैनी नजर
एसपी ने आपराधिक मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए:
- लंबित कांडों की समीक्षा: संपत्ति मूलक मामलों में दर्ज पुराने लंबित कांडों की समीक्षा कर उनका जल्द से जल्द निष्पादन करने को कहा गया।
- अपराधियों पर निगरानी: हाल ही में न्यायिक हिरासत (जेल) से बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया ताकि अपराध पर लगाम लगाई जा सके।
- विशेष एक्ट के मामलों पर जोर: एससी/एसटी (SC/ST) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के साथ-साथ नक्सल कांडों के अनुसंधान में तेजी लाते हुए समयसीमा के भीतर इनका निष्पादन करने की बात कही गई। इसके अलावा, SC/ST कांडों के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए संबंधित विभाग को समय पर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।
पशु तस्करी पर रोक और सड़क सुरक्षा के कड़े उपाय
- पशु तस्करी पर पूर्ण रोक: सीमावर्ती थानों के साथ बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित कर पशु तस्करी को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का आदेश दिया गया।
- सड़क सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिले के ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) को चिन्हित कर विशेष सुरक्षा उपाय करने को कहा गया। साथ ही, 2 और 4 पहिया वाहनों की नियमित सघन चेकिंग करने और एमवी (MV) एक्ट व ड्रंक ड्राइविंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलेगा जागरूकता अभियान
नशाखोरी, बाल-विवाह, डायन बिसाही जैसी सामाजिक कुरीतियों और सड़क सुरक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सभी थाना/ओपी स्तर पर पुलिस अधिकारी सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों में जाकर आम लोगों और छात्रों को जागरूक करेंगे।
तकनीकी अपग्रेडेशन और अन्य दिशा-निर्देश
बैठक में पुलिसिंग को डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी पहलुओं पर भी जोर दिया गया:
- नफीस (NAFIS) पोर्टल: कैदियों के फिंगरप्रिंट की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए।
- ई-साक्ष्य (E-साक्ष्य): सभी अनुसंधानकर्ताओं (IOs) को कांडों की एंट्री अनिवार्य रूप से ई-साक्ष्य पोर्टल पर करने को कहा गया।
- अन्य लंबित कार्य: पासपोर्ट/चरित्र सत्यापन, वारंट/कुर्की का निष्पादन, मालखाना प्रदर्श एवं एनडीपीएस (NDPS) वस्तुओं का निष्पादन, साइबर पुलिस पोर्टल, JOFS, पीजी पोर्टल, CCA और आईटी (IT) एक्ट से संबंधित मामलों में तेजी लाने की हिदायत दी गई।
इस बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
