कानपूर शूटआउट : नए नए खुलासे, 2 SI और 1 सिपाही निलंबित, 115 जाँच के दायरे में

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कानपूर : उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और इसी बीच कानपुर शूटआउट मामले में एक से बढ़कर एक खुलासे होते जा रहे हैं। इंस्पेक्टर चौबेपुर विनय तिवारी के बाद अब चौबेपुर थाना के 2 सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को भी निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार सभी विकास के संपर्क में थे। पुलिस अधीक्षक ने सब इंस्पेक्टर कुंवर पाल, सुमित कुमार शर्मा और आरक्षी राजीव को निलंबित किया है। इधर कानपुर पुलिस की तरफ से विकास पर इनाम की राशि बढ़ाकर 5 लाख करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।

115 पुलिस जांच के दायरे में

कानपुर शूटआउट मामले में अभी तक कुल 115 पुलिस जांच के दायरे में हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। कानपुर पुलिस सभी के कॉल डिटेल खंगाल रही है। शक है कि कुछ पुलिस वाले गैंगस्टर के पैरोल पर थे, जो विकास दुबे को हर पुलिस मोमेंट की जानकारी पहले ही फोन पर दे रहे थे। साथ ही पिछले 15 दिनों में विकास दुबे और उनके गुर्गो द्वारा इस्तेमाल किए गए नंबरों की जांच भी की जा रही है।

पुलिस तलाश कर रही विकास के काले कारनामो की डायरी

सूत्रों के अनुसार पता चला है कि विकास दुबे अपने पास एक डायरी रखा था जिसमें उसके अवैध वसूली के साथ साथ जमीन से जुड़े अवैध कारोबार का काला चिट्ठा है। फिलहाल पुलिस डायरी की तलाश कर रही है। साथ ही विकास दुबे के सभी मामलों को दोबारा से खोला गया है। पुलिस को इस बात का अंदेशा है कि विकास दुबे यूपी के किसी भी कोर्ट में सरेंडर कर सकता है। इस वजह से यूपी के कई कोर्ट में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस हर जगह गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। किसी भी हाल में पुलिस विकास दुबे को कोर्ट में सरेंडर करने नहीं देना चाहती है।

विकास दुबे के काले कारनामों में उनकी पत्नी का भी सहयोग

आपको बता दें कि कुख्यात अपराधी विकास दुबे के काले कारनामों में उनकी पत्नी का भी सहयोग हुआ करता था। उसकी पत्नी ऋचा अपने बच्चों के साथ लखनऊ में रहती है लेकिन बिकरू गांव में बने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को ऋचा अपने फोन से ऑपरेट करती थी और जब भी पुलिस द्वारा विकास दुबे को गिरफ्तार किया जाता था तो वह सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल कर देती थी। विकास दुबे की पत्नी को यह भय होता था कि पुलिस कहीं विकास दुबे का एनकाउंटर न कर दे।

इतने खाकी वालों को गिरा दूंगा कि गिनना मुश्किल हो जाएगा

मुठभेड़ की घटना में पूछताछ के आधार पर दबिश की सूचना के बाद ही विकास दुबे ने अपने भागने की तैयारी कर ली थी। पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद विकास दुबे बाइक से गांव से फरार हुआ था। गांव की गली से निकलकर पांडु नदी पारकर बेला बिधूना रोड पहुंचा जहां पहले से विकास का एक गुर्गा गाड़ी लेकर तैयार खड़ा था वहां से गाड़ी के जरिये विकास हाइवे की तरफ निकल गया। दयाशंकर से पूछताछ में पता चला है दबिश की जानकारी साढ़े 5 घंटे पहले विकास को फोन से मिली थी जिसके बाद उसने सभी दरवाजे खिड़की बंद का आदेश अपने गुर्गों को दिया और फोन कर असलाह धारी लोगों को जुटाकर उन्हें अपने मकान के आसपास तीन दिशाओं में छतों पर तैनात कर दिया। विकास ने दयाशंकर से कहा था कि आज आने दो इतने खाकी वालों को गिरा दूंगा कि गिनना मुश्किल हो जाएगा।

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