झारखंड में भी छात्र सड़कों पर उतर आये हैं. उन्होंने बुधवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट चौक तक मार्च निकाला. वे 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं.
देश के कई राज्यों में शुरू हुए छात्र आंदोलन का असर दिल्ली के बाद झारखंड में भी दिख रहा है. झारखंड में भी युवा सड़कों पर उतर आये हैं. रांची में छात्रों ने बुधवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट चौक तक मार्च निकाला. छात्रों ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं कराई जा रही हैं। ऐसे में अब वे 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द कर नई परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं.
मार्च में शामिल एक छात्र ने कहा, मैं धनबाद से आया हूं. मैंने जेपीएससी की परीक्षा दी थी. हमें इस प्रक्रिया में कई अनियमितताएं मिलीं. 14वीं जेपीएससी कट-ऑफ अंक जारी नहीं किए गए और ओएमआर शीट में कई गलतियां पाई गईं। हमारी मांग है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द की जाये और निष्पक्ष एवं उचित प्रक्रिया के तहत नयी परीक्षा करायी जाये. हम भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण जवाबदेही और पारदर्शिता भी चाहते हैं।
इससे पहले मंगलवार को एबीवीपी रांची महानगर के नेतृत्व में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती घोटालों के विरोध में जेपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया. भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गयी.
परीक्षाओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध सीबीआई जांच की मांग
एबीवीपी ने जेपीएससी और जेएसएससी की सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष और समयबद्ध सीबीआई जांच की मांग की. परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, उत्तर पुस्तिकाओं और उत्तर कुंजी के प्रकाशन की व्यवस्था को मजबूत करने, परीक्षा परिणाम निर्धारित समय के भीतर जारी करने और भर्ती प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक और प्रभावी निगरानी तंत्र लागू करने की मांग की।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती व्यवस्था में सुधार के संबंध में शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, बीजेपी झारखंड प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्र हित की बात करने से पहले कांग्रेस को झारखंड के लाखों युवाओं को जवाब देना चाहिए कि उसने जेपीएससी-जेएसएससी में हुई अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर आज तक एक शब्द क्यों नहीं बोला? ब्लैकलिस्टेड कंपनी से परीक्षा कराने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया? उन्होंने इस गंभीर मामले में कभी अपनी ही सरकार से जवाब क्यों नहीं मांगा?
अशोक ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस-राजद सरकार के कार्यकाल में लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया, लेकिन कांग्रेस चुप रही. आज उन्हें नैतिक पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है. बीजेपी की मांग है कि जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े सभी मामलों की सीबीआई जांच करायी जाये.

