झारखंड एसीबी कार्यालय. (फोटो-ईटीवी भारत)
रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब कांड की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो ने तेज कर दी है. जांच एजेंसी राज्य की उत्पाद नीति, शराब आपूर्ति प्रणाली, झारखंड राज्य पेय निगम लिमिटेड से संबंधित प्रक्रियाओं और कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की हर कड़ी की जांच कर रही है। इसी क्रम में एसीबी ने उत्पाद विभाग और जेएसबीसीएल के तीन तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों को 4 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया है. इसकी पुष्टि एसीबी ने की है.
एसीबी के मुताबिक, पहले दर्ज किये गये बयानों का उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है और जहां जरूरत है, संबंधित लोगों से दोबारा स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है.
इन तीनों पूर्व अधिकारियों को तलब किया गया था
एसीबी ने तत्कालीन संयुक्त आयुक्त (उत्पाद) गजेंद्र सिंह, तत्कालीन महाप्रबंधक (वित्त), जेएसबीसीएल सुधीर कुमार दास और तत्कालीन उत्पाद शुल्क आयुक्त अमित प्रकाश को समन जारी किया है. जांच एजेंसी टेंडर की शर्तों, उनमें किए गए बदलाव, संबंधित अधिकारियों और संस्थानों की भूमिका के साथ-साथ टेंडर में शामिल कंपनियों की प्रक्रिया की भी जांच कर रही है. इसके अलावा बैंक गारंटी, भुगतान, सरकारी राजस्व वसूली, शराब आपूर्ति, दुकानों के खाते, नकदी वसूली, बैंक में पैसा जमा करने, ऑडिट और राजस्व वसूली से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
एसीबी के मुताबिक जांच के दौरान संबंधित बैठकों के रिकॉर्ड, दिए गए निर्देश और उनके अनुपालन की भी जांच की जा रही है. एजेंसी का कहना है कि जांच को पूरी तरह से निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और सबूत-आधारित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। दस्तावेजों, बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की व्यापक जांच पूरी होने के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका के बारे में कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा। ब्यूरो का दावा है कि उसका उद्देश्य पूरे मामले की हर कड़ी की स्वतंत्र रूप से जांच करना, तथ्यों को सामने लाना और जांच की विश्वसनीयता बनाए रखना है।




