
रांची: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई से चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। 26 दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद छात्रों ने झारखंड सरकार को 60 दिनों का समय दिया है। आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कहा है कि इस अवधि में परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की CBI जांच शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से कई परीक्षाओं को रद्द करने और कुछ परीक्षाओं की प्रक्रिया पर रोक लगाने के फैसले के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है, लेकिन उनकी मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई है। छात्रों की मांग है कि परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच CBI से कराई जाए।
दरअसल, झारखंड सरकार ने CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 22 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके अलावा छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को स्थगित किया गया है। वहीं 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन रोकने का फैसला किया।
छात्र नेताओं ने सरकार को 60 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि इस अवधि में यदि परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की CBI जांच शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर केवल विभागीय या आंतरिक जांच पर्याप्त नहीं है।
26 दिनों तक चले आंदोलन में झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रांची पहुंचे। आंदोलन के दौरान छात्रों ने भूख हड़ताल, सत्याग्रह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी मांगें उठाईं। इसके अलावा तिरंगा यात्रा निकालकर भी सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया गया।
लगातार चले प्रदर्शन के बीच सरकार की ओर से परीक्षाओं को लेकर की गई कार्रवाई के बाद छात्रों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह स्थायी रूप से आंदोलन खत्म करने का फैसला नहीं है। 60 दिनों के भीतर CBI जांच की मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में छात्र फिर से सड़क पर उतरेंगे।




