
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितता मामले में CID की जांच तेज हो गई है। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी बताए जा रहे अभय तिवारी को CID की एसआईटी ने पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। वहीं उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को भी तीन-तीन दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। शनिवार देर शाम एसआईटी की टीम तीनों आरोपियों को लेकर CID कार्यालय पहुंची, जहां उनसे मामले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ शुरू की गई।
अभय तिवारी पर क्या हैं आरोप?
जांच के अनुसार, अभय तिवारी पहले टीडीपीएल (TDPL) में मैनेजर मार्केटिंग के पद पर कार्यरत था। इसी दौरान उसने CGL परीक्षा आयोजित कराने के लिए कंपनी की ओर से JSSC के साथ एमओयू की प्रक्रिया में भूमिका निभाई थी।
बताया जा रहा है कि बाद में TDPL के डिबार होने के बाद परीक्षा संचालन से जुड़ी दूसरी एजेंसी वेबल एजेंसी के कुछ लोगों के साथ कथित सांठगांठ कर अभय तिवारी ने परीक्षा में कई अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने का नेटवर्क तैयार किया।
खुद के साथ पत्नी और भाई की भी लगवाई नौकरी!
CID की जांच में यह भी सामने आया है कि अभय तिवारी ने कथित तौर पर CGL परीक्षा में गड़बड़ी के जरिए खुद नौकरी हासिल की और अपनी पत्नी तथा भाई को भी नियुक्ति दिलाई। इस मामले में सीआईडी ने अभय तिवारी को 22 जुलाई को गोड्डा से गिरफ्तार किया था। इसके बाद 18 अगस्त को जांच एजेंसी ने उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को भी गिरफ्तार किया। फिलहाल तीनों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी रिमांड के दौरान आरोपियों से कथित परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े नेटवर्क, संपर्कों और अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही है। परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच में अब तक तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते समेत करीब दो दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच एजेंसी ने परीक्षा में सफल हुए 18 संदिग्ध अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की है। अब इन अभ्यर्थियों के बयानों का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जा रहा है, ताकि परीक्षा में कथित अनियमितता और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इन संदिग्ध अभ्यर्थियों ने इससे पहले किन-किन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्हें परीक्षा में सफलता दिलाने में किसी व्यक्ति या गिरोह की भूमिका थी या नहीं। पूछताछ के दौरान सामने आए नए लोगों के नामों को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है। सीआईडी जल्द ही इन लोगों से पूछताछ कर सकती है।




