
रांची: JSSC-CGL नियुक्ति परीक्षा में कथित अनियमितता और पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच अब तेज हो गई है। शुक्रवार को CID की विशेष जांच टीम ने नामकुम स्थित JSSC कार्यालय पहुंचकर जांच-पड़ताल की। टीम ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई रिकॉर्ड तथा दस्तावेजों की जांच की।
रिकॉर्ड रूम और संबंधित शाखाओं में खंगाले दस्तावेज
CID की टीम ने JSSC कार्यालय में पहुंचने के बाद आयोग के रिकॉर्ड रूम समेत उन शाखाओं का निरीक्षण किया, जहां भर्ती परीक्षाओं से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे गए हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड, OMR शीट और अन्य कागजात की जानकारी जुटाई।
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम को कुछ OMR शीट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इन्हें जांच के लिए कब्जे में लिए जाने की बात सामने आ रही है। इन दस्तावेजों के जरिए CID यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में कहीं नियमों का उल्लंघन या रिकॉर्ड में किसी तरह की हेरफेर तो नहीं हुई।
सचिव के आवास पर भी पहुंची थी टीम
JSSC मुख्यालय पहुंचने से पहले CID की टीम ने मोरहाबादी स्थित हरिहर सिंह रोड में आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता के आवास पर भी तलाशी ली। बताया जा रहा है कि टीम ने वहां मौजूद दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की।
हालांकि, आवास पर हुई तलाशी के दौरान क्या-क्या मिला और जांच टीम ने किन दस्तावेजों या उपकरणों को अपने कब्जे में लिया, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। CID की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ
इसके बाद जांच टीम JSSC मुख्यालय पहुंची और सचिव सुधीर गुप्ता से परीक्षा प्रक्रिया तथा उससे जुड़े रिकॉर्ड के संबंध में जानकारी ली। पूछताछ में कथित अनियमितताओं, परीक्षा के संचालन, प्रश्नपत्र और OMR शीट से संबंधित प्रक्रिया समेत विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाए जाने की बात कही जा रही है।
CID यह भी जांच कर रही है कि परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज किन अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी में रहे तथा उनकी सुरक्षा और गोपनीयता के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं।
डिजिटल साक्ष्यों की भी होगी जांच
जांच का दायरा केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। टीम परीक्षा से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का आपस में मिलान कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि कथित गड़बड़ी अगर हुई है तो वह परीक्षा प्रक्रिया के किस चरण में हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। OMR शीट समेत जब्त किए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।




