
सम्मान मिला तो चेहरे खिले,नेतरहाट की वादियों में शिक्षकों ने महसूस की नई ऊर्जा और नई प्रेरणा
आकाश लोहार
गढ़वा
शिक्षक सिर्फ किताबों का पाठ नहीं पढ़ाते,वे जीवन को दिशा देते हैं,उनके हाथों में केवल चॉक और कलम नहीं होती,बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को आकार देने और उनके भविष्य की नींव मजबूत करने की जिम्मेदारी होती है,इसी भावना को आत्मसात करते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल,गढ़वा ने अपने शिक्षकों के सम्मान के साथ साथ उन्हें नई ऊर्जा,नई सीख और नई प्रेरणा देने के उद्देश्य से एक विशेष शैक्षिक एवं मनोरंजक भ्रमण का आयोजन किया,विद्यालय परिवार के शिक्षक नेतरहाट की खूबसूरत वादियों के बीच पहुंचे,जहां सम्मान,प्रकृति और शिक्षा का ऐसा संगम देखने को मिला,जो लंबे समय तक उनकी यादों में बना रहेगा।
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक श्री अनूप सोनी,सचिव श्री आलोक सोनी,प्रबंधन समिति सदस्य श्री धीरज राज एवं प्रधानाचार्य श्री निरकेष शर्मा द्वारा महान शिक्षाविद् एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर की गई,इस दौरान विद्यालय के सभी शिक्षकों को उपहार देकर सम्मानित किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण,मेहनत एवं योगदान की सराहना की गई।
इसके बाद विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक शैक्षिक एवं मनोरंजक भ्रमण के लिए नेतरहाट रवाना हुए,नेतरहाट पहुंचने के बाद शिक्षकों ने घने जंगलों,पहाड़ियों,हरियाली और शांत वातावरण के बीच प्रकृति की खूबसूरती को करीब से महसूस किया,यह यात्रा महज मनोरंजन तक सीमित नहीं रही,बल्कि शिक्षकों के लिए नई ऊर्जा,सकारात्मक सोच और सीख का अवसर भी बनी।
भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने सुबह सुबह सनराइज पॉइंट पहुंचकर उगते हुए सूर्य का मनमोहक दृश्य देखा,पहाड़ियों के बीच धीरे-धीरे आसमान को रोशन करता सूरज और चारों ओर फैली प्राकृतिक शांति ने सभी को अभिभूत कर दिया,उस पल ने शिक्षकों को यह एहसास कराया कि कभी कभी रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर प्रकृति के बीच बिताया गया एक छोटा सा समय भी मन और विचारों को नई ऊर्जा से भर देता है।
नेतरहाट आवासीय विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों ने जानी शैक्षणिक व्यवस्था :- भ्रमण के दौरान ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक श्री अनूप सोनी,सचिव श्री आलोक सोनी एवं विद्यालय के सभी शिक्षक देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले नेतरहाट आवासीय विद्यालय पहुंचे,वहां विद्यालय के प्राचार्य श्री संतोष कुमार से मुलाकात हुई।
प्राचार्य श्री संतोष कुमार ने ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के शिक्षकों को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं चरित्र निर्माण में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला,उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देना नहीं,बल्कि उन्हें बेहतर,जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास करना भी है।
इस दौरान शिक्षकों ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय की जीव विज्ञान प्रयोगशाला,रसायन प्रयोगशाला,भौतिकी प्रयोगशाला एवं लाइब्रेरी का अवलोकन किया,शिक्षकों ने वहां की शैक्षणिक व्यवस्था,अनुशासन एवं अध्ययन के वातावरण को करीब से देखा और कई महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा।
नई जगह,नई सीख और नई ऊर्जा,निदेशक अनूप सोनी :- इस अवसर पर ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक श्री अनूप सोनी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं,उन्होंने कहा कि शिक्षक मेहनत और इच्छाशक्ति के साथ काम करें तो विद्यार्थियों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की यात्रा का उद्देश्य केवल घूमना फिरना नहीं है,बल्कि नई जगह से नई सीख लेना और खुद को नई ऊर्जा से भरना भी है,नेतरहाट आवासीय विद्यालय की शैक्षणिक परंपरा,अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की व्यवस्था से प्रेरणा लेकर ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल को भी लगातार बेहतर बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री निरकेष शर्मा ने शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नेतरहाट की प्राकृतिक शांति और यहां की शैक्षिक व्यवस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अद्भुत वातावरण प्रदान करती है।
शिक्षकों ने भी साझा किए अपने अनुभव :- शिक्षक श्री सुधांशु कुमार मिश्रा ने नेतरहाट की प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने विस्तृत एवं प्राकृतिक जंगलों के बीच शिक्षा का इतना महत्वपूर्ण केंद्र स्थापित होना अपने आप में प्रेरणादायक है,उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुशासन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण,शैक्षणिक विकास और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है।
वहीं शिक्षक श्री अमित कुमार सोनी ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था,अनुशासन एवं वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय का परिवेश और यहां की शिक्षा व्यवस्था शिक्षकों एवं विद्यार्थियों दोनों के लिए प्रेरणादायक है।
श्री सुमित सोनी ने नेतरहाट की प्राकृतिक सुंदरता और यहां की शैक्षणिक परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रकृति की गोद में स्थित यह विद्यालय शिक्षा और अनुशासन का अनूठा संगम है।
शुभ्र बाला ने भी शिक्षकों को संबोधित करते हुए नेतरहाट आवासीय विद्यालय की अनुशासन व्यवस्था एवं विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला।
विद्यालय की शिक्षिका नाज बानो ने कहा कि नेतरहाट का शांत,प्राकृतिक और अनुशासित वातावरण बेहद आकर्षक एवं प्रेरणादायक है,उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
पिकनिक और सामूहिक भोज ने बढ़ाई आत्मीयता :- भ्रमण के दौरान विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी शिक्षकों के लिए विशेष पिकनिक एवं सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया,शिक्षकों ने आपसी सौहार्द और आत्मीयता के साथ समय बिताया,लंबे समय से विद्यालय की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाले शिक्षकों को एक साथ परिवार की तरह समय बिताने का अवसर मिला।
इस दौरान सभी ने पलामू के प्रसिद्ध मिर्चइया फॉल का भी आनंद लिया,प्राकृतिक सुंदरता के बीच शिक्षकों ने खूब आनंद उठाया और इस यात्रा को यादगार बनाया।
अच्छे अंक नहीं,अच्छे इंसान तैयार करना हमारा लक्ष्य :- यात्रा के दौरान निदेशक श्री अनूप सोनी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तैयार करना नहीं है,हमारा लक्ष्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है,जो भविष्य में श्रेष्ठ,संस्कारी,अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा,जब शिक्षक अपने दायित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हुए विद्यार्थियों के भीतर ज्ञान के साथ साथ संस्कार,अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करें।
शिक्षकों ने इस विशेष आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन एवं निदेशक श्री अनूप सोनी के प्रति आभार व्यक्त किया,शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न सिर्फ थकान दूर करते हैं,बल्कि नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करते हैं,साथ ही विद्यालय परिवार के बीच आपसी सहयोग,सौहार्द और आत्मीयता को और मजबूत करते हैं।
कुल मिलाकर शिक्षक दिवस का यह आयोजन सम्मान,प्रकृति,आनंद,शिक्षा,प्रेरणा और आत्मीयता का ऐसा सुंदर संगम बना,जिसने ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के शिक्षकों को सिर्फ एक यात्रा की याद नहीं दी,बल्कि लौटते समय अपने साथ नई ऊर्जा,नई सोच और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए एक नई प्रेरणा भी दी।





