
ढाई महीने बाद भी आयोग को नहीं मिली जांच रिपोर्ट, पीड़ित परिवारों के मुआवजे का मामला भी लंबित
जमशेदपुर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुए छत हादसे के मामले में अब जिला प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु का दावा है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देश के करीब ढाई महीने बाद भी पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से आयोग को जांच रिपोर्ट नहीं भेजी गई है।
मामले में सौरभ विष्णु की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 10 जुलाई 2026 को पूर्वी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी को निर्देश दिया था कि शिकायतकर्ता को जांच प्रक्रिया में शामिल करते हुए मामले की जांच कराई जाए, की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाए और निर्धारित अवधि में आयोग के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
सौरभ विष्णु के मुताबिक, उन्होंने इस आदेश के अनुपालन की स्थिति जानने के लिए आयोग से सूचना मांगी थी। 23 सितंबर 2026 को आयोग की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार संबंधित प्राधिकारी से अभी तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
उपायुक्त कार्यालय में दिए पत्रों का भी नहीं मिला जवाब
सौरभ विष्णु का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर 24 अगस्त और 2 सितंबर 2026 को उपायुक्त कार्यालय में अलग-अलग पत्र दिए थे। उनके अनुसार दोनों पत्र कार्यालय में प्राप्त भी हुए, लेकिन अब तक उन्हें न तो कोई जवाब मिला और न ही आयोग के निर्देश के अनुरूप किसी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया।
इसी बिंदु को लेकर उन्होंने उपायुक्त कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब मानवाधिकार आयोग ने स्पष्ट समयसीमा के साथ जांच और रिपोर्ट का निर्देश दिया था, तब निर्धारित अवधि के बाद भी आयोग को रिपोर्ट नहीं मिलना गंभीर प्रशासनिक प्रश्न खड़े करता है।
17 महीने बाद भी मुआवजे की प्रक्रिया जारी
मामले में मुआवजे को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। सौरभ विष्णु के अनुसार, एमजीएम अस्पताल की ओर से 31 अगस्त को आरटीआई के जवाब में बताया गया कि मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया अभी जारी है।
3 मई 2025 को एमजीएम अस्पताल में छत का हिस्सा गिरने की घटना में डेविड जॉनसन, लुकास साइमन तिर्की, श्रीचंद तांती और रेणुका देवी की मौत होने की बात उनके द्वारा दी गई जानकारी में कही गई है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवजे को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इससे पहले भी सौरभ विष्णु ने मुआवजा और संबंधित दस्तावेजों को लेकर आरटीआई तथा अन्य माध्यमों से जानकारी मांगी थी।
सौरभ विष्णु ने फिर मांगा जवाब
सौरभ विष्णु ने अब उपायुक्त कार्यालय में एक और आरटीआई आवेदन देकर मामले से संबंधित कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इसमें NHRC के निर्देश पर हुई जांच, आयोग को भेजी गई रिपोर्ट, मुआवजा राशि की स्थिति तथा चारों मृतकों के परिजनों को भुगतान की अलग-अलग स्थिति शामिल है।
इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी पूरे मामले से संबंधित दस्तावेज भेजकर आयोग के निर्देश के अनुपालन की स्थिति पर दोबारा संज्ञान लेने और मामले को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है।
‘आयोग का आदेश भी लंबित तो पीड़ित परिवार कहां जाएं?’
सौरभ विष्णु ने कहा कि मामला किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाने का नहीं, बल्कि उन परिवारों को जवाब दिलाने का है जिन्होंने सरकारी अस्पताल में अपने परिजनों को खोया है। उनके मुताबिक, जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जांच और रिपोर्ट के लिए स्पष्ट निर्देश दे चुका है और इसके बावजूद रिपोर्ट लंबित बताई जा रही है, तो प्रशासन को इसकी स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करनी चाहिए।
अब पूरे मामले में निगाह इस बात पर है कि उपायुक्त कार्यालय NHRC के निर्देश, जांच रिपोर्ट और मुआवजा भुगतान की स्थिति को लेकर क्या जवाब देता है।




