
खुल सकते हैं कई बड़े राज़!
रांची: सरकारी दफ्तरों में ज़मीन के फेरबदल का खेल किस कदर हावी है, इसका एक सनसनीखेज नमूना सिल्ली अंचल कार्यालय में देखने को मिला। 2 एकड़ से अधिक ज़मीन के कागज़ दुरुस्त करने के नाम पर शुरू हुआ रिश्वत का खेल आख़िरकार एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के जाल में फंसकर खत्म हो गया। अंचल के अमीन विनोद लोहरा को एसीबी की टीम ने गुरुवार दोपहर पचास हज़ार रुपये की रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए धर दबोचा।
5 लाख से शुरू हुई ‘डील’, ज़मीन पर भी थी नज़र!
मामला बड़ा मुरी निवासी विद्या कोइरी की दो एकड़ से अधिक पैतृक ज़मीन की पैमाइश और दस्तावेज़ सुधार से जुड़ा है। आरोप है कि अंचल के अमीन विनोद लोहरा ने इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सीधे 5 लाख रुपये का ‘रेट’ तय कर दिया था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, लंबी सौदेबाजी के बाद मामला 2 लाख रुपये नकद और 4 डिसमिल ज़मीन अमीन के नाम करने पर जाकर अटका। ज़मीन की खातिर अपनी ही ज़मीन गंवाने की नौबत देख पीड़ित ने सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का दरवाज़ा खटखटाया।
28 सितंबर को बिछा जाल, कार में हुई ‘रिश्वत की डिलीवरी’
एसीबी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 28 सितंबर को आरोपों की गोपनीय जांच की। सत्यापन में रिश्वत की मांग सही पाए जाने के बाद गुरुवार को अमीन को रंगे हाथ दबोचने का चक्रव्यूह रचा गया।
योजना के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगे 50 हज़ार रुपये के साथ भेजा गया। दोपहर करीब 1 बजे अंचल कार्यालय परिसर स्थित मंदिर के पास खड़ी एक कार में अमीन विनोद लोहरा को पैसे लेने के लिए बुलाया गया। जैसे ही अमीन के हाथ में रुपयों की गड्डी पहुंची, घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से अंचल परिसर में हड़कंप मच गया।
ऑडियो टेप में ‘ऊपर तक कमीशन’ का दावा?
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम अमीन को सिल्ली थाना ले गई, जहां उससे घंटों कड़ी पूछताछ हुई। जांच टीम ने अंचल कार्यालय पहुंचकर अंचलाधिकारी (CO) सहित अन्य कर्मियों से भी सवाल-जवाब किए और संबंधित ज़मीन से जुड़ी फाइलों को ज़ब्त कर लिया है।
चर्चा है कि एसीबी के हाथ एक पुख्ता ऑडियो रिकॉर्डिंग भी लगी है, जिसमें अमीन कथित तौर पर रिश्वत की रकम में सीओ से लेकर अन्य स्टाफ तक के ‘हिस्से’ का ज़िक्र करता सुनाई दे रहा है। हालांकि, इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।





