
जमशेदपुर: शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल करते हुए इनर व्हील क्लब ऑफ जमशेदपुर ईस्ट ने शहर में सेवा कार्यों की एक नई मिसाल पेश की है।

अवसर था क्लब की जिला चेयरमैन प्रियंका कुमार के आधिकारिक दौरे का, जिसे क्लब ने कागजी बैठकों तक सीमित न रखकर सीधे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की जिंदगी संवारने का जरिया बना दिया।
काली मंदिर से हुई शुरुआत, नशामुक्ति का दिया संदेश
अभियान की नींव टिनप्लेट काली मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ रखी गई। क्लब ने यहां आस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए कुर्सियों की व्यवस्था की और परिसर के आसपास रोजी-रोटी जुटाने वाले जरूरतमंद वेंडर्स को काम की आवश्यक सामग्री सौंपी। इसके अलावा समाज में फैलते नशे के जहर के खिलाफ जागरूकता फैलाने के मकसद से एक विशेष वॉल पेंटिंग का भी अनावरण किया गया।
सरकारी स्कूल की बदली सूरत, बना ‘हैप्पी स्कूल’
संस्था ने स्कूली शिक्षा के माहौल को पूरी तरह जीवंत बनाने के लिए ‘हैप्पी स्कूल प्रोजेक्ट’ के जरिए बड़ा बदलाव किया। स्कूल की रंग-रोगन की गई दीवारों पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का प्रेरक संदेश उकेरा गया, वहीं एक क्लासरूम को बच्चों के अनुकूल ‘हैप्पी रूम’ में तब्दील कर दिया गया।
बच्चों को पढ़ाई और खेल के प्रति आकर्षित करने के लिए खिलौने, फर्नीचर, खेल सामग्री, कपड़े और जूते-मोजे दिए गए।
छात्राओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, पैड बैंक और इमरजेंसी मेडिकल रूम की स्थापना की गई।
स्कूल परिसर में पुस्तकालय, स्वच्छ पेयजल, सुव्यवस्थित शौचालय और ‘इनर व्हील गार्डन’ की सौगात भी जोड़ी गई।
बेटियों ने दिखाया कराटे का दम, तालियों से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान आत्मरक्षा प्रशिक्षण ले रही छात्राओं ने जब मंच पर हैरतअंगेज कराटे मूव्स का प्रदर्शन किया, तो पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। क्लब पदाधिकारियों ने साहसी बेटियों को प्रमाणपत्र देकर और उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।
गोलमुरी क्लब में बंटी उम्मीदें: खिलाड़ियों को किट, दिव्यांगों को सहारा
सफर का अगला पड़ाव गोलमुरी क्लब बना, जहां मंच से कई कल्याणकारी योजनाओं की झड़ी लगा दी गई। संसाधनों की कमी से जूझ रहे होनहार खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट और जरूरतमंद छात्रों को शैक्षणिक सहायता दी गई। एक दृष्टिबाधित छात्रा के इलाज का जिम्मा उठाने के साथ-साथ दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर, नवजातों के लिए मातृत्व किट और पर्यावरण सुरक्षा के लिए कपड़े के थैले बांटे गए। एक जरूरतमंद युवती के हाथों में सिलाई मशीन सौंपकर उसे आत्मनिर्भरता की राह दिखाई गई।
सेवा कार्यों की इस लंबी शृंखला के जरिए इनर व्हील क्लब ने स्पष्ट कर दिया कि वास्तविक नेतृत्व वही है, जो मंचों से उतरकर सीधे जमीन पर बदलाव की इबारत लिखे।





