
जमशेदपुर:लौहनगरी में त्योहारों की चमक के बीच मानगो पुल का दर्द एक बार फिर नासूर बनकर उभरा है। शुक्रवार की सुबह मानगो पुल पर लगा दो घंटे का महाजाम केवल गाड़ियों की कतार नहीं था, बल्कि व्यवस्था के दावों की खुली पोल था। एक तरफ सायरन बजाती एंबुलेंस जिंदगी और मौत के बीच फंसी रही, तो दूसरी ओर स्कूल व दफ्तर निकलने वालों की बेबसी साफ झलकी। दुर्गा पूजा की बढ़ती हलचल के बीच अब सवाल उठने लगा है कि क्या शहरवासियों को हर साल की तरह इस बार भी जाम के इसी दलदल में धकेला जाएगा?
इसी ज्वलंत मुद्दे को लेकर जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने सीधे जिला उपायुक्त के सामने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि नो-एंट्री के नियम केवल कागजी आदेश बनकर रह गए हैं, सड़क पर उनका असर सिफर है।
एग्रिको का जख्म अभी भरा नहीं, क्या फिर किसी हादसे का इंतजार?
सौरभ विष्णु ने 13 सितंबर की उस दर्दनाक घटना की याद दिलाई, जहां नो-एंट्री के बावजूद घुसे भारी वाहन ने एक पिता और उनके 13 वर्षीय बेटे की जान ले ली थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मानगो, डिमना और एनएच-33 को जोड़ने वाला यह पुल एमजीएम अस्पताल तक पहुंचने का इकलौता मुख्य जरिया है, तो फिर भारी वाहनों की मनमानी पर लगाम क्यों नहीं लग रही? इस बाबत वे पहले ही यातायात उपाधीक्षक से आरटीआई के तहत जवाब मांग चुके हैं।
सौरभ विष्णु ने उपायुक्त के समक्ष रखीं ये 5 तीखी मांगें:
नो-एंट्री पर जीरो टॉलरेंस: दुर्गा पूजा के दौरान मानगो पुल, मानगो चौक और संबंधित रास्तों पर भारी वाहनों की नो-एंट्री सख्ती से लागू हो। स्कूल और दफ्तर के पीक ऑवर्स में इसे कड़ाई से परखा जाए।
सार्वजनिक हो एक्शन प्लान: नो-एंट्री की समय-सीमा, डायवर्जन और पार्किंग स्थलों की जानकारी पहले से जनता के सामने रखी जाए, ताकि लोग पूर्व तैयारी के साथ निकलें।
चौक-चौराहों पर दिखे पुलिस की मुस्तैदी: पुल के दोनों सिरों, मानगो चौक और डिमना चौक पर पर्याप्त ट्रैफिक बल तैनात हो और नियम तोड़ने वालों पर ऑन-द-स्पॉट सख्त कार्रवाई हो।
एमजीएम के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर’: एमजीएम अस्पताल की ओर जाने वाली एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए हर हाल में स्वतंत्र रास्ता सुनिश्चित किया जाए।
फ्लाईओवर पर स्थिति स्पष्ट करे प्रशासन: दुर्गा पूजा से पहले मानगो फ्लाईओवर का जो हिस्सा शुरू करने का भरोसा दिया गया था, उसकी वर्तमान प्रगति क्या है, जनता को बताया जाए।
“त्योहार खुशियों का मौका है, लेकिन जाम में अटकी एक एंबुलेंस किसी के परिवार की सांसें छीन सकती है। नियम फाइलों में बंद हैं, जरूरत उन्हें जमीन पर उतारने की है।”
— सौरभ विष्णु, अध्यक्ष, जन विकास मंच
अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या पूजा से पहले मानगो पुल पर राहत का पहिया घूमेगा या हर साल की तरह जनता जाम और धुएं के बीच जूझती रहेगी।






