
जमशेदपुर:क्या डिमना-पारडीह का वह बदनाम कचरा डंपिंग यार्ड, जहां से गुजरते वक्त लोग नाक बंद कर लेते थे, जल्द ही हरे-भरे स्टेडियम और जॉगिंग ट्रैक में तब्दील होने वाला है? राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के किनारे बसी बस्तियों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी छाती पर बदबू का पहाड़ नहीं, बच्चों के खेलने के लिए खुला मैदान चाहते हैं।
वसुंधरा एस्टेट अप्रोच रोड पर उमड़े जनसैलाब ने शुक्रवार को एक सुर में हुंकार भरी—“कचरा हटाओ, खेल का मैदान बनाओ!” जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु के नेतृत्व में जुटे स्थानीय बाशिंदों ने बंद कमरों के प्रशासनिक फैसलों को चुनौती देते हुए 3-सूत्रीय एजेंडा तय कर दिया है।
जब नियमों की ढाल बनी जनता: ‘न जलेगा, न दबेगा—कचरा तो हटेगा’
प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ नारेबाजी नहीं की, बल्कि सरकारी किताबों के पन्ने पलटकर प्रशासन को उसी के नियमों में घेर लिया। मंच ने सीधे तौर पर तीन मांगें सामने रखीं:
नो लीपापोती, पूरा खात्मा: 13 एकड़ में फैले कचरे को समतल करने, मिट्टी में दबाने या रात के अंधेरे में जलाने का ‘शॉर्टकट’ मंजूर नहीं होगा। वेस्ट को वैज्ञानिक तकनीक से हटाकर बाकायदा सॉइल टेस्ट कराया जाए।
जनता तय करेगी अपनी तकदीर: जमीन पर क्या बनेगा, यह दफ्तरों में बैठकर नहीं, बल्कि इलाके के लोगों से खुली जन-सुनवाई (Public Consultation) के जरिए तय होगा।
कचरे की जगह ‘स्पोर्ट्स हब’: इस पूरी जमीन या इसके बड़े हिस्से पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए पूरी तरह फ्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और ग्रीन पार्क बने।
CPCB गाइडलाइंस और NGT का डंडा: प्रशासन के पास विकल्प नहीं!
प्रेस वार्ता में सौरभ विष्णु ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के फरवरी 2019 के लेगेसी वेस्ट डिस्पोजल नियमों (क्लॉज 4.4.4) का कच्चा-चिट्ठा खोल दिया।
“नियम साफ कहते हैं—जिस जमीन से कचरा साफ होता है, वहां 15 साल तक कोई ईंट-गारे का मकान नहीं बन सकता! वहां सिर्फ और सिर्फ ओपन स्टेडियम, पार्क और खेल के मैदान ही बन सकते हैं। जब कानून खुद यह कहता है, तो प्रशासन डिमना की जनता को उसका हक देने से क्यों कतरा रहा है?”
— सौरभ विष्णु
यही नहीं, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के हालिया आदेश (23 सितंबर 2026) का हवाला देते हुए निवासियों ने चेताया कि अवैध डंपिंग पर कोर्ट की रोक लग चुकी है, अब बस अधिकारियों को उस पर अमल करना बाकी है।
सड़कों से लेकर चौखट तक लड़ाई: डीसी को ज्ञापन, घर-घर सर्वे चालू
यह गुस्सा सिर्फ एक दिन के धरने तक सीमित रहने वाला नहीं है। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) को सैकड़ों हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन भेजने की तैयारी पूरी है, वहीं जमीनी स्तर पर जनता की राय दर्ज करने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे भी शुरू कर दिया गया है।
इस मुहिम में वसुंधरा एस्टेट, रिपीट कॉलोनी, डिमना बस्ती, ग्वाला बस्ती, दलमा बेस कॉलोनी, चंद्रावती नगर, दलमा एन्क्लेव और शांति विहार की कॉलोनियों ने एकजुट होकर ताकत दिखाई।
मैदान में डटे चेहरे:
सभा में प्रमुख रूप से सुमन शर्मा, दीपक, संदीप, पंकज तिवारी, बबलू सिंह, विनोद सिंह, बप्पी दा, दीपक तिवारी, पिंटो, शुभम शर्मा, आनंद पांडेय, विकास आनंद सिंह, पंकज प्रसाद, राकेश, बिपिन, राज कुमार यादव और विकास महतो समेत भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।




