
गायत्री शिक्षा निकेतन परिसर में हुई वारदात से मचा हड़कंप, पीठ में गोली लगने के बाद TMH में भर्ती हुए डॉक्टर; संपत्ति विवाद को लेकर दोनों भाइयों के बीच तनाव की चर्चा
जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में सोमवार रात एक सनसनीखेज गोलीकांड सामने आया। 111 सेव लाइफ अस्पताल के संचालक डॉ. ओपी आनंद को गोली लगने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस वारदात में उनके सगे भाई और गायत्री शिक्षा निकेतन के संचालक सत्य प्रकाश सुधांशु पर गोली चलाने का आरोप लगा है। घायल डॉक्टर को तत्काल जमशेदपुर स्थित टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी होने की जानकारी सामने आई।
घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों और चिकित्सा जगत में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। एक ही परिवार के दो भाइयों के बीच विवाद के दौरान गोली चलने की खबर ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
घर लौटने के बाद विवाद और फिर गोलीबारी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना सोमवार रात की है। डॉ. ओपी आनंद जिम से लौटकर अपने आवास पहुंचे थे। इसी दौरान स्कूल परिसर और आवास से जुड़े स्थान पर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई है।
प्रारंभिक खबरों में प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के हवाले से दावा किया गया कि विवाद के दौरान स्थिति बिगड़ गई और गोली चल गई। कुछ रिपोर्टों में डॉ. आनंद की पत्नी को लेकर विवाद होने तथा उन्हें बचाने के लिए डॉक्टर के आगे आने की बात भी कही गई है।
हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, विवाद किस बात पर शुरू हुआ और गोली किन परिस्थितियों में चली, इन सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस की जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
पीठ में लगी गोली, TMH में कराया गया भर्ती
गोलीबारी की इस घटना में डॉ. ओपी आनंद की पीठ में गोली लगने की जानकारी सामने आई है। घायल होने के बाद उन्हें तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचाया गया।
शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में उनकी हालत चिंताजनक बताई गई थी। अस्पताल में उनका इलाज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में नवीनतम आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थिति को लेकर कोई अंतिम दावा करना उचित नहीं होगा।
पिता की मौत के बाद से संपत्ति विवाद की चर्चा
इस घटना के पीछे पारिवारिक और संपत्ति विवाद की आशंका जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिता के निधन के बाद से दोनों भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति और स्कूल परिसर से जुड़े मामलों को लेकर तनाव बना हुआ था।
बताया गया है कि दोनों भाइयों के परिवार एक ही परिसर में रहते हैं। इसी परिसर में गायत्री शिक्षा निकेतन भी संचालित होता है। संपत्ति के बंटवारे को लेकर पहले भी विवाद होने की चर्चा सामने आई है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि घटना से कुछ दिन पहले दोनों भाइयों के बीच कहासुनी और मारपीट हुई थी। हालांकि, विवाद के इतिहास और गोलीबारी के बीच संबंध की पुलिस जांच से पुष्टि होना अभी जरूरी है।
आरोपी के मोबाइल और पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट
घटना के बाद शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि सत्य प्रकाश सुधांशु का मोबाइल फोन बंद है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने तथा गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए हथियार की जांच शुरू की थी।
वहीं, 3 नवंबर को आरोपी की गिरफ्तारी और हथियार बरामद किए जाने की खबर है लेकिन उसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच से खुलेगा गोलीकांड का पूरा राज
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने, गोली चलने की परिस्थितियों का पता लगाने और संबंधित लोगों से पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कार्रवाई की जानकारी मीडिया रिपोर्टों में दी गई है।
जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है कि विवाद किस बात को लेकर हुआ, गोली किस हथियार से चली और घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। इसके साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि गोलीबारी पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद के दौरान हुई।
चिकित्सा जगत में भी चर्चा
डॉ. ओपी आनंद जमशेदपुर और आदित्यपुर के चर्चित चिकित्सकों में शामिल हैं तथा 111 सेव लाइफ अस्पताल के संचालक के रूप में जाने जाते हैं। मई 2021 में कोरोना काल के दौरान अस्पताल निरीक्षण को लेकर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ हुए विवाद के कारण भी वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। वर्ष 2024 में उन्होंने जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था।
फिलहाल इस गोलीकांड ने आदित्यपुर में सनसनी फैला दी है। एक ही परिवार के दो भाइयों के बीच कथित विवाद का मामला गोलीबारी तक पहुंचने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच, आरोपी की स्थिति और घायल डॉक्टर के स्वास्थ्य से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर टिकी है।




