July 26, 2026

10 मीटर के फासले पर 41 मजदूर, ऑगर मशीन फेल, अब इन दो योजनाओं पर हो रहा काम

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झारखंड वार्ता

उत्तराखंड:- उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे मजदूरों के जीवन में हर दिन आ रही नई तारीख, उनके लिए आशा लेकर आती है कि बस आज का दिन और वह, जल्द ही बाहर आ जाएंगे, लेकिन अफसोस कि हर एक दिन के साथ इंतजार का ये सिलसिला अगले दिन पर कर्ज की तरह चढ़ जाता है। आज रेस्क्यू का 15वां दिन है। शनिवार को उस वक्त मजदूरों और रेस्क्यू टीम को एक बार फिर निराशा का सामना करना पड़ा, जब रेस्क्यू में लगी अमेरिका से आई ऑगर मशीन के ब्लेड खराब होने से वो नाकाम हो गई।

सुरंग में वर्टिकल ड्रिलिंग जारी

रविवार से मशीनों ने अपना काम शुरु कर दिया। वर्टिकल तरीके से टनल के अंदर तक पहुंचने के लिए तकरीबन 81 से 86 मीटर ड्रिल करना होगा। उसके बाद मजदूरों तक पहुंचा जा सकेगा। इसमें से 20 मीटर की ड्रिलिंग की जा चुकी है।

मैनुअल तरीके से भी ड्रिलिंग जारी

ऑगर मशीन के ब्लेड टूटने के बाद उस मशीन का कोई काम नहीं रह गया है। इस मशीन के ब्लेड को कटर से काटकर बाहर निकाला जा रहा है। उसके बाद बाकी बचे तकरीबन 10 मीटर एरिया को मजदूरों की सहायता से मैन्युअल तरीके से ड्रिल करके टनल के अंदर पहुंचा जा सकेगा, जहां मजदूर फंसे हुए हैं। हालांकि, मैनुअल तरीके से ड्रिल करने में लंबा समय लगने का अनुमान है।

3 मजदूर बीमार

टनल के अंदर फंसे मजदूरों के परिजनों ने बताया कि 3 लोग बीमार हैं। जिन्हें उल्टी और चक्कर आने की शिकायत है। मजदूर काफी घबराया हुए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि टनल के अंदर जरूरत के हिसाब से दवाई भेजी गईं हैं। सभी मजदूर स्वस्थ हैं।

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