नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

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दिनेश बनर्जी
सिल्ली:-उत्तरी सिल्ली लोदमु आम बगान में आयोजित नौ दिवसीय रूद्र महायज्ञ के पंचम दिवस पर काशी से पधारे आचार्य पंकज शास्त्री एवं वैदिक विद्वानों के द्वारा आवाहित देवता ओं का पुजन, हवन, पाठ आदि का कार्य किया गया। यज्ञ की परिक्रमा पुजन में भक्तजन की भारी भीड़ उमड़ रही है।यह आयोजन जगदगुरु वनांचलधर्मपीठाधीश्वर स्वामी दीनदयालजी महाराज के सानिध्य में किया जा रहा है। इस महायज्ञ में नौ दिनों तक अखंड भण्डारे का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन हजारों भक्तगण भंडारे का आनंद उठा रहे हैं। सायंकालीन सत्र में जगद्गुरु वनांचलधर्मपीठाधीश्वर स्वामी दीनदयालजी महाराज ने कहा कि समस्त सृष्टि परमात्मा के बनाये सृष्टि के नियमो के अनुसार चलती है। सुर्य, नक्षत्र, तारा, अग्नि, वरुण,इन्द्र आदि देवता इसका उल्लंघन नहीं करते क्योंकि उन्हें परमात्मा का भय है, डर है। अगर उनके बनायें नियमानुसार नहीं चलेंगे तो उनके द्वारा दण्डित होना पड़ेगा। किन्तु आज मनुष्यों का भय समाप्त हो गया है, इसी कारण समाज में अनाचार, अत्याचार, दुराचारादि बढ़ रहा है। अतः परमात्मा से भय करना चाहिए। अगर यह भय रहेगा तो आप बुरे कर्मो से बचेंगे। यज्ञ में राजस्थान से पधारे हुये समाधी बाबा ने कहा कि माता -पिता-गुरु की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं। भगवान राम प्रातःकाल उठकर माता पिता गुरु को उठकर चरण वंदना करते हैं। माता पिता से बढ़कर कोई देवता नहीं। राम जी ने जीवन जीने की कला सिखाई। उसके अनुसार जीवन जीना चाहिए। चित्रकूट से पधारी हुई रामलीला के द्वारा राम बनवास की लीला का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया। इस यज्ञ को सफल बनाने में रुद्र यज्ञ समिति के पदाधिकारियों एवं समस्त ग्राम वासियों और क्षेत्र वासियों का सराहनीय योगदान रहा।