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बिहार के बाद झारखंड में भी पुल गिरना शुरू, गिरिडीह अरगा नदी पर 5.5 करोड़ की लागत से बन रहा पुल गिरा

On: June 30, 2024 9:38 AM
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रांची: बिहार में पिछले 11 दिनों के अंदर तकरीबन 5 पुलों के गिरने से सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव समेत अन्य नेताओं ने जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर हमला बोला है। इधर झारखंड में भी पुल गिरने से यहां की भी सियासत गरमाने की संभावना है।

बता दें कि बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि डबल इंजन की सरकार में पुल गिर रहा है यह भ्रष्टाचार नहीं शिष्टाचार है। वहीं भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड ने कहा है कि जहां-जहां पुल गिरा है। मामले की जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस केवल बात करती है भारतीय जनता पार्टी काम करती है। वहीं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि पुल साजिश के तहत गिराया जा रहा है।

वही ताजा खबरों के मुताबिक झारखंड के गिरिडीह में अरगा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल गिरने की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि यह कल 5. 5 करोड़ की लागत से बन रहा है। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड में अरगा नदी पर बन रहे पुल का पिलर धंस गया जिससे गार्डर टूटा और पुल जमींदोज हो गया.यह पुल फतेहपुर-भेलवाघाटी सड़क पर कारीपहरी गांव में अरगा नदी के ऊपर बनाया जा रहा था जो मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाया. दरअसल शनिवार की शाम में हुई मूसलाधार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया था.

नदी की तेज बहाव में निर्माणधीन पुल का का पिलर धंस गया जिससे गार्डर टूट कर गिर गया. वहीं एक अन्य पिलर भी टेढ़ा हो गया है. स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक तेज बारिश के दौरान रात करीब आठ बजे एक पाया टेढ़ा हो गया. इसके बाद तेज आवाज के साथ निर्माणाधीन पुल का गार्डर टूट कर नदी में गिर गया.

आवाज इतनी तेज थी कि उसे सुनकर आसपास के घरों में रहने वाले लोग बुरी तरह डर गए. जानकारी के मुताबिक इस पुल का निर्माण पथ निर्माण विभाग द्वारा साढ़े पांच करोड़ की लागत से करवाया जा रहा था. इस पुल को बनाने का ठेका ओम नमः शिवाय नाम की कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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