जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में आगामी विधानसभा चुनाव के टिकट के लिए कांग्रेस के कई गुट दावेदारी कर रहे हैं। जिले से लेकर प्रदेश और अखिल भारतीय स्तर पर भी लाबिंग जारी है और कांग्रेसियों की एकता तार हो रही है। ऐसी स्थिति में जानकार सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस में चली आ रही गुटबाजी विधानसभा चुनाव के नजदीक आते-आते चरम पर पहुंच गई है। इसका ताजा उदाहरण सोमवार को बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉनऑडिटोरियम में साक्षात दिख गया।पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस के ‘संवाद आपके साथ’ कार्यक्रम में सोमवार को जमकर हंगामा, धक्का-मुक्की व हाथापाई की खबर है।यह सब कुछ नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व विधायक जेपी पटेल, जिला की सह प्रभारी रमा खलको, पूर्व सांसद प्रदीप कुमार बलमुचू की मौजूदगी में हुआ। जो लाचार कांग्रेसियों के आपसी दुर्व्यवहार और अनुशासनहीनता को देखते रहे। एक बारगी तो ऐसी नौबत आ गई थी प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो मंच छोड़कर बाहर निकल गए। उन्होंने इस घटना पर भारी नाराजगी व्यक्त की।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में हर गुट एक तरह से शक्ति प्रदर्शन करता दिखा। जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे, डॉ. अजय कुमार व सत्यम सिंह के समर्थक गुटों में बंटकर कार्यक्रम में पहंचे थे। कार्यक्रम में आने से पहले समर्थक अपने-अपने नेताओं का नाम लेकर नारेबाजी करते रहे।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व विधायक व अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी मौन रहे. बाहर की नारेबाजी माइकल जॉन हॉल में भी शुरू हो गई।इसी दौरान मंच पर चढ़े डॉ. अजय के समर्थकों को जिलाध्यक्ष के समर्थक हटाने लगे।जिसको लेकर हंगामा शुरू हुआ। जो धक्का-मुक्की व बाद में हाथापाई तक पहुंच गया।करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा।इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष समेत सारे नेता तमाशबीन बने हुए थे।
अंततः प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश गुस्से में मंच छोड़कर बाहर निकल गए। बाद में डॉ. अजय कुमार, नट्टू झा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के मनाने पर प्रदेश अध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल हुए।
बताया जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में दावेदारी जताने लिए नेता संवाद आपके साथ कार्यक्रम में अपने समर्थकों के साथ गुटों में बंटकर पहुंचे।सत्यम सिंह व प्रिंस सिंह एक अलग गुट में दिखे।इनके भी समर्थक नारेबाजी करते दिखे। नारेबाजी के कारण कार्यक्रम काफी विलंब से शुरू हुआ।सत्यम सिंह के समर्थकों को आनंद बिहारी दुबे के समर्थकों ने कार्यक्रम में व्यवधान डालने का आरोप लगाकर चुप रहने की नसीहत दी, जिसके कारण वे भड़क गए। इस दौरान फिर हंगामा होने लगा. जिसके कारण प्रदेश अध्यक्ष को दखल देकर उन्हें शांत कराना पड़ा। सत्यम सिंह एवं प्रिंस सिंह ने जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव लड़ने की दावेदारी की है। वहीं जिलाध्यक्ष भी खुद दावेदार हैं। जबकि डॉ. अजय कुमार केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। हंगामा का एक कारण जिलाध्यक्ष द्वारा कई दावेदारों का नाम सूची से काटना भी रहा।
जोश में होश नहीं खोएं नेता-कार्यकर्ता : प्रदेश अध्यक्ष
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार जमशेदपुर पहुंचे केशव महतो कमलेश ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यकर्ताओं में जोश अच्छी बात है लेकिन इस दौरान होश खोने से पार्टी की छवि प्रभावित होती हैउन्होंने बड़े नेताओं को भी पार्टी लाइन पर चलने का निर्देश दिया।साथ ही कहा कि अनुशासन सबसे जरूरी है. गुटबाजी से पार्टी को नुकसान एवं दूसरे दलों को फायदा होता है।
बहरहाल यह तो केवल सामने से ट्रेलर ही दिखा लेकिन पूरी फिल्म बाकी है और भी कई गुट दावेदार बताए जा रहे हैं लेकिन टिकट न मिलने पर वह भी कांग्रेस के अंदर भीतर घात कर सकते हैं।
मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।