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सिसई: सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा में भव्य रूप से मनाया गया तुलसी पूजन दिवस

On: December 26, 2024 6:03 AM
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मदन साहु

सिसई (गुमला): सिसई प्रखण्ड के रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा में तुलसी पूजन दिवस को भव्य रूप से मनाया गया। तथा पूर्व प्रधान मंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100 वां जयंती मनाया गया। प्रधानाचार्य देवेन्द्र वर्मा जी और हिंदू जागरण के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विद्यालय प्रबंधन समिति के संरक्षक अरुण नारायण सिंह,राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला मुख्य मार्ग प्रमुख- चूड़ामणि साहू एवं राष्ट्र सेविका समिति के प्रांत बौद्धिक प्रमुख- जामवंती मिश्रा जी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित व अटल जी के तस्वीर पर माल्यार्पण कर व तुलसी पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किये। 

इस मौके पर विद्यालय प्रबंधन समिति के संरक्षक अरुण नारायण सिंह जी ने तुलसी का महत्व समझाते हुए कहा कि तुलसी के पौधे केवल धर्म की दृष्टि से न देखा जाय। अपितु तुलसी का पौधा एक औषधीय पौधा है। जिस आंगन में तुलसी का पौधा रहता है। वहाँ के वायु को शुद्ध करता है। जिससे आने वाले हरेक नकारात्मक ऊर्जा, सकरात्मक ऊर्जा में बदल जाते हैं, जिस घर में तुलसी का पौधा हो उस घर से रोग कोसो दूर चला जाता है।यह प्राण वायु देने का काम करता है, और वहाँ निवास करने वाले लोग निरोगी जीवन का आनंद लेते हैं। प्रत्येक व्यक्ति का यह प्रयास होना चाहिए कि अपने आंगन में तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। अपनी औषधीय गुणों के कारण ही तुलसी का पौधा पूजनीय है।

हिंदू जागरण मंच के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज तुलसी पूजन ही नहीं बल्कि आज के दिन को हम सभी बलिदान दिवस के रूप में भी मानते हैं, सन् 1704 ई में मुगल साम्राज्य के द्वारा गुरुगोविंद सिंह जी के चार पुत्रों में से दो पुत्रों जोरावर सिंह और फतेह सिंह को ईंटों से चुनवा दिया गया था। इसलिए 22 दिसंबर से लेकर 27 दिसंबर तक वीर बालक पखवाड़ा के रूप में मनाया जाता है। साथ हीआज के दिन दो महान विभूतियों का जन्म हुआ था। उन्हीं दो महान विभूति भारत रत्न पं मदनमोहन मालवीय जी और पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100 वीं जयंती मनाई जा रही है।                       

इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति के द्वारा तुलसी पूजन व एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्र सेविका समिति के अलावे दुर्गा वाहिनी की बालिकाएँ भी सम्मिलित हुई। सर्वप्रथम राष्ट्र सेविका समिति का परिचय दिया गया। तदुपरांत शारीरिक प्रदर्शन, दण्ड, नियुद्ध, योगा, आत्मरक्षा का प्रदर्शन तथा मन को प्रफुल्लित करने वाले खेलों का प्रदर्शन एवं देश भक्ति गीत व भजन किया गया। जो कार्यशाला के प्रमुख आकर्षण थे। इन प्रदर्शनों में राष्ट्र सेविका समिति एवं दुर्गा वाहिनी की बालिकाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत बौद्धिक प्रमुख जामवंती मिश्रा जी ने महिलाओं व बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कैसे बड़े बुजुर्गों का सेवा करना चाहिए। साथ ही उन्होंने शिक्षा का विश्लेषण करते हुए कहा कि शिक्षा क्या है, पहला है विद्यालय के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करना जो किताबी ज्ञान होता है, दूसरा व्यवहारिक ज्ञान जो हमें अपने परिवार, समाज,और गुरुकुल जैसी संस्थानों के द्वारा प्राप्त होता है। तीसरा जो सबसे महत्वपूर्ण ज्ञान है, वह है बौद्धिक ज्ञान या अनुभव शिक्षा जो अनुभव करके प्राप्त होता है। स्वास्थ्य के विषय में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज हम अपने स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए बड़े बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाते हैं, बड़े बड़े डॉक्टरों से दिखाते हैं, फिर भी रोग ठीक नहीं हो पाते। इसलिए हमसबों को निरोग रहने के लिए आयुर्वेद पद्धति को अपनाना होगा। हमारे रसोई में ही बहुत सारे मसाले होते हैं, जिससे कई सारी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। बशर्ते उसका उपयोग विधि हमे आना चाहिए। प्रकृति ने हमें बहुत सारे पेड़ पौधे दिये हैं, जो हमें निरोगी काया दे सकते हैं। केवल उनका सही तरीका से पहचान होना चाहिए। कि कौन सा पेड़ या पौधा किस रोग को ठीक कर सकता है। योग के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन सुबह शाम योग करना चाहिए। जिससे अपने शरीर और मन को स्वस्थ रख सकें।आखिर में उन्होंने महिलाओं से अन्न बचत करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सिर्फ धन का बचत करना ही आर्थिक बचत नहीं होता है। अन्न का बचत भी आर्थिक बचत है, जब भी आप चावल पकाती हैं, उसी वक्त एक मुठ्ठी चावल निकालकर अलग रख दें। तो वो भी एक बचत होगा और कुछ ही वर्षों में वो चावल लाखों रुपए का हो जायेगा। इस प्रकार से महिलाएं अपने घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकती हैं। तथा अपने परिवार को संपन्न बना सकती हैं। और अपने गांव, समाज, एवं देश को समृद्ध बनाते हुए राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सकती हैं। और अंत में वन्दे मातरम् स्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से हिंदू जागरण के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विद्यालय प्रबंधन समिति के संरक्षक अरुण नारायण सिंह, प्रधानाचार्य देवेन्द्र वर्मा जी आचार्य नाथू भगत, हिन्दु जागरण के प्रखंड संयोजक मुकेश ताम्रकर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के गुमला जिला के मुख्य मार्ग प्रमुख चूड़ामनि साहू, राष्ट्र सेविका समिति के प्रांत बौद्धिक प्रमुख जामवंती मिश्रा, प्रांत सेवा प्रमुख चंद्रलेखा जी, विभाग कार्यवाहिका जयश्री कुजुर, विभाग सह कार्यवाहिका निरापति जी, गुमला विभाग शारीरिक प्रमुख माधुरी सिंह, तरुण प्रमुख मोनी कुमारी, कोमल कुमारी, करुणा कुमारी योगाचार्य घनश्याम आर्य, शिवनारायण सिंह, दिलीप सिंह, महावीर गोप, के अलावे सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष शामिल थे।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्र सेविका समिति व दुर्गा वाहिनी की बालिकाओं का विशेष योगदान रहा।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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