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मंईंयां सम्मान योजना के भौतिक सत्यापन में बहुत बड़े घालमेल का खुलासा बोकारो डीसी विजय जाधव ने किया

On: January 30, 2025 7:27 AM
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रांची: झारखंड सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना के भौतिक सत्यापन के दौरान बहुत बड़े घालमेल का खुलासा बोकारो डीसी विजय जाधव ने कर दिया है। जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर दर्ज कर अलग-अलग नाम से 95 बार आवेदन किया गया है। इस बात का खुलासा करते हुए बोकारो डीसी विजय जाधव ने खाता धारी के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।

बताया जाता है कि सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन के क्रम में एक ही बैंक खाता का नंबर दर्ज कर अलग–अलग नाम से अलग–अलग प्रखंडों से कुल 95 बार आवेदन किया गया है। जिसमें चास प्रखंड–चास नगर निगम क्षेत्र से कुल 67 बार एवं गोमिया प्रखंड से 28 बार आवेदन किया गया है। जांच क्रम में यह पता चला है कि इंडसइंड बैंक में ही ऐसे ज्यादातर बैंक खाता खुला है। यह सभी आवेदन पलामू जिले के डालटनगंज के मेदिनीनगर स्थित CSC VLE सुमीत कुमार के आइडी सं. 542316220013 से किया गया है।

सत्यापन क्रम में यह खुलासा हुआ है कि बैंक खाता संख्या 100253387047 के अकाउंट होल्डर का नाम यूसुफ है। इसका पता- पतागोड़ा, बड़ाखांती, उत्तरदिनाजपुर, पश्चिम बंगाल दर्ज है। इस खाता का इस्तेमाल कुल 95 बार अलग-अलग नाम से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया गया है। इस दौरान दर्ज राशन कार्ड का संख्या भी फर्जी अंकित है, जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जांच के क्रम में इसकी पुष्टी की है। वहीं, सभी नामों के उप नाम में किस्कू, हांसदा और मुर्मू शब्द जोड़ा गया है। 21 नवंबर 2024 को एक ही साथ कई बार आवेदन किया गया है। DC विजया जाधव ने खाता धारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

स्वीकृति के क्रम में कई आवेदनों को बीडीओ/सीओ स्तर से स्वीकृत भी किया गया है। लेकिन, डीसी के निर्देश पर सामाजिक सुरक्षा द्वारा एक से ज्यादा बार इंट्री एक ही खाता का संविक्षा के बाद राशि ट्रांसफर करने की स्वीकृति पर रोक लगाएं जाने के कारण राशि का हस्तांतरण खातों में नहीं किया गया ।

जिले में कुल 11200 डुप्लीकेट आवेदन मिलने का खुलासा

उधर, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (जेएमएमएसवाई) सत्यापन क्रम में जिले में ऐसे कुल 11 हजार 200 डुप्लीकेट आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों का पुनः एक बार आंगनबाड़ी कर्मियों से भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जिसके बाद संबंधितों को चिन्हित कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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