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सलगाझुड़ी में आदिवासी महापंचायत,पेसा कानून 1996 को आधार मान नियमावली बनाकर लागू करने की मांग

On: February 12, 2025 3:22 PM
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झारखंड वि०स० सत्र के पहले दिन डीसी ऑफिस के पास भूख हड़ताल की धमकी

विभिन्न क्षेत्रों से आदिवासी प्रतिनिधियों ने लिया भाग

आदिवासी परंपरा रूढ़िवादी व्यवस्था को कायम रखने के लिए पैसा कानून 1996 जरूरी: जे वी तुबीद

जमशेदपुर:पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आदिवासी सुरक्षा परिषद जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष राम सिंह मुंडा की अध्यक्षता में आदिवासी महापंचायत का आयोजन आदिवासी कला संस्कृत मैदान सलगाझुड़ी जमशेदपुर, किया गया।

जिसमें पेसा कानून 1996 को आधार मानकर नियमावली बनाकर लागू करने हेतु एवं अन्य आदिवासी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के में पूर्व आई ए एस जे बी तुबिद, मुख्य अथिति, मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय अध्यक्ष रमेश हांसदा, महासचिव जयपाल मुर्मू, आदि मौजूद थे।

इस अवसर पर निम्नलिखित प्रताव पारित किया गया —

1, केंद्रीय कानून पेसा 1996 के आधार पर नियमावली बनाकर झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में लागू किया जाए।

2 नया पेसा नियमावली बनाने के उपरांत आम लोगों के लिए सार्वजनिक किया जाए ।

3. टाटा लीज नवीकरण से पहले आदिवासियों के हित में आदिवासी युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए शहर के अंदर आदिवासी बाजार की व्यवस्था किया जाए, और युवा आदिवासियों को दुकान आवंटन किया जाए, और टाटा स्टील द्वारा आदिवासी विश्वविद्यालय का निर्माण किया जाए, झारखंड सरकार के आने वाले विधानसभा सत्र के प्रथम दिन को जमशेदपुर डीसी मुख्यालय के समक्ष पेसा कानून लागू करने के लिए एकदिवसीय भूख हड़ताल किया जाएगा । जमशेदपुर प्रखंड कमेटी का अध्यक्ष गुलशन टुडू को बनाया गया ।जल्द ही जमशेदपुर प्रखंड में धरना के माध्यम से पेसा कानून लागू करने की मांग की जाएगी ।


इस सभा को संबोधित करते हुए पूर्व आईएएस जेबी तुबिद ने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर पेसा कानून को लागू नहीं करना चाहती है । पेसा कानून लागू होने से आदिवासियों का स्वशासन व्यवस्था मजबूत होगा ।जल जंगल जमीन पर आदिवासियों का अधिकार होगा ।

4. इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष रमेश हांसदा ने कहा कि झारखंड के आदिवासी मूलवासी नौजवान एक बड़ी आंदोलन के लिए तैयार हो जाएं । यदि इस बार नौजवान चूक जाएंगे रोजगार का युवाओं को मौका नहीं मिलेगा , पेसा कानून का लागू होने से रोजगार के नए माध्यम शुरू होंगे ।

हम अपनी खोई हुई जमीन को वापस पा सकेंगे । जयपाल मुर्मू ने कहा कि हमारी परंपरा और हमारी विरासत को जीवित रखने के लिए पेसा लगाना जरूरी है। राम सिंह मुंडा ने कहा कि पेसा कानून को लागू करने के लिए जन जागरण कार्यक्रम चलता रहेगा,रामसिंह मुंडा ने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठान में आदिवासियों को लिए भी रोजगार की व्यवस्था की जानी चाहिए। आने वाले दिनों में धरना के माध्यम से अपनी बातों को रखेंगे ।

इस अवसर पर प्रकाश शांडिल्य ,शरद सरदार शरद सिंह सरदार , (पटमद भीमसेन भूमिज ,(मुखिया) प्रभु राम मुंडा (मुखिया ),रणजीत सिंह (मुखिया) ,चंदन सिंह (ग्राम प्रधान ),रुद्र मुंडा (पंचायत समिति सदस्य ),जनता सरदार (सुंदरनगर,)कार्तिक लकड़ा ,नीलू मछुआ, (भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष) ममता भूमिज ,निर्मल हेंब्रम, संतोष शांडिल,काजू शांडिल्य,नंदलाल पातर ,धन सिंह मुंडा राजेश राजेश शांडिल,सुनील शांडिल्य,लक्ष्मण मुंडा ,विवेक मुंडा ,विशाल मंडा बिरसिंह मुर्मू ,आदि मौजूद थे सुनील इसके अलावा अन्य समाज से मुख्य समाज से श्री राम मुखी बबलू करवा, कुर्मी समाज से तुलसी महतो, किशोर महतो,बंगभाषी समाज से गौतम आदिवासी हो समाज से जुझार समद,समानता, आदिवासी मुंडा समाज केंद्रीय समिति से नंदलाल पातर

आदि विभिन्न समाज के प्रतिनिधि महापंचायत में शामिल हुए।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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