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केंद्रीय सरहुल पूजा समिति की शोभा यात्रा 1 अप्रैल को ऐतिहासिक एकता और सांस्कृतिक सभ्यता की प्रतीक होगी

On: March 30, 2025 3:41 PM
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जमशेदपुर: केंद्रीय सरहुल पूजा समिति के तत्वाधान में 1 अप्रैल को भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें आदिवासी और मूलवासी समुदाय के उराँव, हो, मुंडा, मुखी, भुइयाँ, लोहरा, तुरी और अन्य जनजाति समुदाय के महिला-पुरुष, बच्चे-बच्चियाँ पारंपरिक परिधान और वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होंगे। यह शोभा यात्रा एकता और सांस्कृतिक सभ्यता की प्रतीक होगी। उक्त बातें सीताराम डेरा स्थित सरना भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए लाइसेंसी किशोर लकड़ा ने कही।

उन्होंने आगे कहा कि शोभायात्रा शाम 4 बजे पुराना सीतरामडेरा से प्रारंभ होकर लाको बोदरा चौक, एग्रिको लाइट सिग्नल, भालूबासा चौक, रामलीला मैदान, साकची गोलचक्कर, बसंत टॉकीज़, टूईलाडूंगरी, गोलमुरी होते हुए सीतारामडेरा में समापन होगा।

किशोर लकड़ा ने सभी से अपील की है कि वे अपने पारंपरिक परिधान में शोभायात्रा में भाग लें और इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनें।

उरांव समाज के जिलाध्यक्ष राकेश उरांव ने कहा कि शोभायात्रा की तैयारी पूरी कर ली गई है और मार्ग पर सरना झंडा एवं तोरण द्वार लगाए जाएंगे।उन्होंने यह भी बताया कि साकची स्थित भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा और सीतारामडेरा स्थित ओत गुरु कोल लाको बोदरा, तथा बाबा कार्तिक उरांव की प्रतिमा में आकर्षक विद्युत सज्जा की जाएगी।

केन्द्रीय मुंडा समाज के अध्यक्ष नंदलाल पातर ने बताया कि सभी पूजा स्थलों का रंगरोहन और साफ-सफाई पूरी कर ली गई है, और पूजा स्थलों पर आदिवासी परंपरा के अनुसार सुबह से ही पूजा प्रारंभ हो जाएगी।

हो समाज सीतारामडेरा के अध्यक्ष राजेश कांडयोंग ने बताया कि शोभायात्रा के मार्ग पर विभिन्न समाज के वाद्ययंत्र, नृत्य शैली और आकर्षक परिधानों के साथ झांकियों का आयोजन भी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि शोभायात्रा में प्रकृति को संरक्षित करते हुए झांकियां दिखाई जागी।

इस मौके पर मुख्य रूप से किशोर लकड़ा, राकेश उरांव, नंदलाल पातर, संतोष सामंत, रामू शांडिल्य, दुर्गमानी बोईपाई, राजेश कांडयोंग, सावन लकड़ा, उपेन्द्र बानरा, शंभू मुखी, बुधराम खालको, जयनारायण मुंडा, सोमा कोया, राजेन कुजूर, रामु तिर्की, बबलू खलखो, संतोष लकड़ा, रोशन मिंज समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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