---Advertisement---

सीएम हेमंत ने भाजपा को दिया बड़ा झटका,भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी समर्थकों के साथ JMM में

On: April 11, 2025 3:35 PM
---Advertisement---

रांची: झारखंड की राजनीति में फिर एक बार खेला शुरू हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भारतीय जनता पार्टी को एक बार फिर तगड़ा झटका दिया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष अपने समर्थकों के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हो गए हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

बता दें कि ताला मरांडी दो बार बोरियो से विधायक रहे हैं।

शहीद सिदो-कान्हू की जयंती के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन अलग-अलग परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के कार्यक्रम में पहुंच थे।कार्यक्रम खत्म होने के बाद मंच पर ही उन्होंने ताला मरांडी को पार्टी की सदस्यता दिलाई. बीजेपी के लिए इसे बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

कल पार्टी से दिया था इस्तीफा

ताला मरांडी ने गुरुवार (10 अप्रैल) को अपना इस्तीफा झारखंड बीजेपी के चीफ बाबूलाल मरांडी को भेज दिया था. इसमें उन्होंने लिखा, “वर्तमान परिस्थितियों, व्यक्तिगत कारणों और वेचारिक मतभेदों के चलते मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से त्यागपत्र देने का फैसला किया है.”

बीजेपी में मूलवासियों के लिए कोई सम्मान नहीं- JMM

जेएमएम जामताड़ा ने एक्स पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी में आदिवासियों और मूलवासियों के लिए कोई सम्मान नहीं है. उनके लिए आदिवासी-मूलवासी ऐसे तबके है जिनकी ज़रूरत और याद बीजेपी को सिर्फ़ चुनाव के दौरान आती हैं. आदरणीय श्री ताला मरांडी जी को जोहार!”

लोकसभा चुनाव में मिली थी हार

ताला मरांडी ने 2024 का लोकसभा चुनाव बीजेपी के टिकट पर लड़ा था. राजमहल लोकसभा सीट से उन्होंने किस्मत आजमाई लेकिन हार का सामना करना पड़ा. इस सीट से जेएमएम ने जीत हासिल की थी. जेएमएम के उम्मीदवार विजय कुमार हांसदाक विजेता बने. हांसदाक को कुल 613371 वोट मिले तो वहीं ताला मरांडी 435107 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे.

दूसरी बार छोड़ा बीजेपी का दामन

ताला मरांडी बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे. यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने बीजेपी का दामन छोड़ा है. 2019 में विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने बीजेपी छोड़कर आजसू का दामन थाम लिया था. आजसू के टिकट पर वो विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

Join WhatsApp

Join Now