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जमशेदपुर: अंतर प्रांतीय ब्राउन शुगर तस्करों को पुलिस ने दबोचा,106 पुड़िया, कैश और आपत्तिजनक सामान मिले

On: September 23, 2025 5:17 PM
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जमशेदपुर: गुप्त सूचना के आधार पर जमशेदपुर पुलिस को बड़सोल थाना क्षेत्र में अंतर प्रांतीय ब्राउन शुगर तस्करों को दबोचने में सफलता मिली है।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बड़सोल निवासी ड्रग पेडलर्स चंदन खटुआ और राकेश कुमार, और खरीदार राजा रजक और अंशु मिश्रा शामिल थे। जिनके पास से तलाशी के दौरान 106 पुड़िया ब्राउन शुगर, 1550 रुपये नकद, और अन्य आपत्तिजनक सामान मिला।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह अचानक मिली एक गुप्त सूचना ने पुलिस को एक्शन मोड में डाल दिया। सूचना थी कि कुछ लोग बाइक से ब्राउन शुगर की तस्करी कर रहे हैं।

ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग के मुताबिक सूचना मिलते ही पुलिस ने गाड़ियों की चेकिंग शुरू की। दो बाइक पर सवार चार संदेही पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन ग्रामीण इलाकों की तंग गलियों और पुलिस की को एक्शन मोड में डाल दिया। सूचना थी कि कुछ लोग बाइक से ब्राउन शुगर की तस्करी कर रहे हैं। ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने गाड़ियों की चेकिंग शुरू की। दो बाइक पर सवार चार संदेही पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन ग्रामीण इलाकों की तंग गलियों और पुलिस की तत्परता ने उन्हें पकड़ने में मदद की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बड़सोल निवासी ड्रग पेडलर्स चंदन खटुआ और राकेश कुमार, और खरीदार राजा रजक और अंशु मिश्रा शामिल थे।तलाशी के दौरान पुलिस को 106 पुड़िया ब्राउन शुगर, 1550 रुपये नकद, और अन्य आपत्तिजनक सामान मिला।

एसपी गर्ग ने बताया कि इस ब्राउन शुगर की बाजार कीमत लगभग 30 हजार रुपये है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण इलाकों में नशे की तस्करी कितनी संगठित रूप से हो रही थी।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये तस्कर पश्चिम बंगाल के खगड़पुर से ब्राउन शुगर खरीदकर ला रहे थे और इसे टाटा के ग्रामीण इलाकों में बेचने की योजना बना रहे थे। एसपी ने कहा, “हम अब पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ मिलकर इस गिरोह के सरगनाओं तक पहुंचने का प्रयास करेंगे।”

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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