बोकारो: जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। चरगी पंचायत अंतर्गत रुकम गांव में एक आदिवासी नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। आरोप भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में लगी एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के वाहन चालक पर है।
मामले की पुष्टि करते हुए सर्किल इंस्पेक्टर शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान बिहार के रोहतास जिले के निवासी जीतेंद्र कुमार यादव के रूप में की गई है।
माता-पिता के काम पर जाने के दौरान वारदात
जानकारी के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना के दिन दोनों रोज की तरह काम पर गए हुए थे, जबकि बच्ची घर के बाहर अकेली खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी ने घर को सुनसान देख मौके का फायदा उठाया।
बताया जा रहा है कि आरोपी अक्सर पीड़िता के घर के पास स्थित कुएं से पानी भरने के बहाने आता-जाता था। इसी परिचित होने का फायदा उठाकर उसने बच्ची के साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
घर लौटने पर सामने आई सच्चाई
शाम को जब माता-पिता काम से वापस लौटे, तो उन्होंने बच्ची को बदहवास हालत में रोते हुए पाया। पूछताछ करने पर बच्ची ने सिसकते हुए अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी आपबीती बताई। इसके बाद परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए मामले की सूचना तुरंत सड़क निर्माण कंपनी के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी।
पहचान परेड में बच्ची ने आरोपी को पहचाना
पुलिस के निर्देश पर निर्माण कंपनी में कार्यरत सभी वाहन चालकों को एक कतार में खड़ा किया गया। इस दौरान पीड़िता ने बिना किसी झिझक के आरोपी जीतेंद्र यादव की पहचान कर ली। पहचान होते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पोक्सो एक्ट के तहत केस, आरोपी जेल भेजा गया
पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ-साथ पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में तेनुघाट कारागार भेज दिया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। इस घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में आक्रोश का माहौल है, वहीं लोग दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।














