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IDF की एयर स्ट्राइक लारीजनी और सुलेमानी की मौत के बाद,ईरान का इजराइल अमेरिकी ठिकानों पर प्रचंड प्रहार शुरू

On: March 18, 2026 8:21 AM
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एजेंसी: इजराइल ने ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सर्वोच्च लीडर अली लारीजनी और वासिज फोर्स के कमांडर इन चीफ गुलाम रजा सुलेमानी को एयर स्ट्राइक में करने का दावा किया था। इधर ईरान ने भी अली लारेजानी और वासिज फोर्स के कमांडर इन चीफ गुलाम रजा सुलेमानी के मारे जाने की पुष्टि की है और उन्हें शहीद बताया है और कहा है कि हम इसका बदला लेंगे। इसके बाद खबर आ रही है कि ईरान ने क्लस्टर बमों से इसराइल पर बहुत बड़ा हमला रात में बोला है तेल अवीव से हाईफा तक ईरान का मिसाइल अटैक हुआ है और हिजबुल्ला ने भी रोके दागे हैं। इजराइल के लगभग प्रत्येक शहरों में हमला हुआ है। रामत गान में एक नागरिक के मौत की खबर है हिज्बुल्लाह ने एक साथ 40 रॉकेट दागे हैं। तेल अबीब में भारी तबाही मची है। हमले के बाद कई जगह आग लगी हुई है। इजराइल के डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइल को मार गिराया है।

इधर इसराइल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता ने कहा कि मुज्तबा खामनेई कहीं भी छुपे हो उन्हें ढूंढ कर मारेंगे।

वहीं दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच जंग 19वें दिन और भीषण हो गई है। अमेरिका ने होर्मुज स्टेट में 5000 पाउंड के बमों का इस्तेमाल किया है। होर्मुज में अमेरिका ने एयर स्ट्राइक की है 2300 किलो के बमों से हमला किया है।

ईरान ने बहरीन कुवैत इराक संयुक्त अरब अमीरात सऊदी अरब पर भी कई हमले किए हैं। संयुक्त अरब अमीरात पर कई बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई है। इजराइल के तेल अवीव पर क्लस्टर बमों से भारी बमबारी हुई है लोग बंकरो में छुपे हुए हैं दहशत फैली हुई है।

इधर खबर आ रही है कि ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र के पास एक मिसाइल गिरी है।

इजराइल ने ईरान में वासिज फोर्स के कई ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है।

ईरान के सबसे ताकतवर शख्स अली लारीजानी की इजरायल के हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने मंगलवार को इसकी पुष्टि कर दी है। लारीजानी सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और कहा जाता था कि पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद पर्दे के पीछे से वही ईरान को चला रहे थे।
इसके पहले इजरायल ने कहा था कि उसने अली लारीजानी को एक हमले में मार दिया है।

AFP की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि हमले में लारीजानी के साथ उनके बेटे और बॉडीगॉर्ड्स भी मारे गए। काउंसिल ने लारीजानी को शहीद बताया और कहा कि उन्होंने आजीवन इस्लामिक गणराज्य की सेवा की। एक बयान में कहा गया कि शहीदों की पवित्र आत्माओं ने अल्लाह के नेक सेवक शहीद डॉ. अली लारीजानी की पवित्र आत्मा को गले लगा दिया।

इजरायल ने किया मारे जाने का दावा

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सबसे पहले लारीजानी के मारे जाने का ऐलान किया था। इजरायली सेना ने बताया कि सोमवार देर रात हुए हवाई हमले में अली लारीजानी और ईरान की एलीट बासिज फोर्स के कमांडर को मार दिया गया। मंगलवार शाम के इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी लारीजानी के मारे जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान के नेतृत्व कमजोर करना था, ताकि ईरानी लोगों को उसे हटाने का मौका मिल सके।
ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना

28 फरवरी के बाद शुरू हुए इजरायली और अमेरिकी हमलों की लहर ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया है। इसके बावजूद इस संघर्ष के धीमा पड़ने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इजरायल समेत पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं। वहीं, तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनेा नियंत्रण कड़ा कर दिया है, जिससे दुनिया का 20 फीसदी ऊर्जा परिवहन गुजरता है।
कौन थे अली लारीजानी?

अली लारीजानी को ईरान के इनर सर्कल में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता था, जिनका असर राजनीति, सुरक्षा और कूटनीति तक फैला हुआ था। वह ईरान के प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते थे, जिसकी तुलना अमेरिका के केनेडी परिवार से की जाती थी।
उनके भाई सादेक लारीजानी ने न्यायपालिका के प्रमुख के रूप में काम किया, जबकि मोहम्मद जाब लारीजानी विदेश नीति पर वरिष्ठ सलाहकार थे।
लारीजानी 2008 से 2020 तक ईरानी संसद के स्पीकर रहे। वर्तमान में वे ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के मुखिया थे, जो देश की रक्षा और विदेश नीति पर फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।
कहा जाता है कि अली खामेनेई के मौत के बाद पर्दे के पीछे से वही देश को चला रहे थे। ईरान ने मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नबनाया है, लेकिन उन्हें अब तक देखा नहीं गया है। इजरायल और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि मोजतबा घायल हैं।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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