नई दिल्ली/रांची: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक एलान किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने झारखंड में रेलवे विकास के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य को रेलवे के लिए 7,536 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो पिछली सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक है।
रेल मंत्री ने कहा कि यह बजट झारखंड के रेलवे ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में राज्य में करीब 63,470 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के हर कोने तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी पहुंचे, जिससे यात्रियों के साथ-साथ उद्योगों को भी बड़ा फायदा मिले।
झारखंड को मिलेंगी प्रीमियम ट्रेनों की सौगात
अश्विनी वैष्णव ने झारखंड के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी देते हुए बताया कि राज्य को जल्द ही कई नई प्रीमियम ट्रेनें मिलने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के लिए 12 से अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस और 4 अमृत भारत ट्रेनें पहले से ही योजना में शामिल हैं। इसके अलावा 2 नई अमृत भारत ट्रेनों को भी मंजूरी दे दी गई है।
सबसे अहम घोषणा यह रही कि धनबाद से कोयंबटूर के बीच अमृत भारत ट्रेन बहुत जल्द शुरू की जाएगी। इस ट्रेन के परिचालन से झारखंड और दक्षिण भारत के बीच यात्रा और व्यापार दोनों को नया आयाम मिलेगा।
रुके हुए प्रोजेक्ट्स को किया गया फास्ट-ट्रैक
रेल मंत्री ने बताया कि झारखंड में कई रेलवे प्रोजेक्ट्स वर्षों से लंबित थे, जिन्हें अब फास्ट-ट्रैक मोड पर डाल दिया गया है। कई नई रेल लाइनों और कनेक्टिविटी योजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, जिनकी मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सरकार का विशेष फोकस कोयला खदानों, औद्योगिक क्षेत्रों और खनिज बहुल इलाकों को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने पर है, ताकि माल ढुलाई और यात्री सेवाएं दोनों मजबूत हो सकें।
झारखंड की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया रफ्तार
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे में हो रहा यह भारी निवेश आने वाले वर्षों में झारखंड की आर्थिक तस्वीर बदल देगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य का औद्योगिक विकास भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।
रेल मंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार का यह प्रयास झारखंड को विकास की मुख्यधारा में और मजबूत तरीके से जोड़ने का काम करेगा।









